फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले चार शिक्षक क्राइम ब्रांच के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जन्मतिथि और पात्रता प्रमाण पत्र जमा करवाया।
क्राइम ब्रांच परमजीत सिंह (पुंछ), नसीर अहमद जान (अनंतनाग), शब्बीर अहमद मंटू और नजीर अहमद भट (दोनों कुलगाम) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
क्राइम ब्रांच जम्मू के अनुसार उन्हें शिकायत मिली कि फिजिकल एजूकेशन टीचर (पीईटी) जिला कैडर रियासी के लिए चुने गए शिक्षकों ने धोखाधड़ी से फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल की है।
जांच में पता चला कि परमजीत सिंह द्वारा जमा करवाए गए जन्म प्रमाण पत्र में चार अप्रैल 1968 तिथि अंकित थी, जबकि बोर्ड के रिकार्ड के अनुसार उसकी जन्मतिथि चार अप्रैल 1967 है।
इसी तरह आरोपी नसीर अहमद जान ने चयन के लिए जेएंडके अटया पटया एसोसिएशन का फर्जी राष्ट्रीय प्रमाण पत्र जमा करवाया, जबकि उसने उक्त प्रतियोगिता में कभी भाग ही नहीं लिया।
जांच में यह भी पता चला कि शब्बीर अहमद मंटू और नजीर अहमद भट ने लखनऊ के भारतीय शिक्षा परिषद का बीए का सर्टिफिकेट जमा करवाया, जबकि यह यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी शिक्षकों के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया और उनके खिलाफ जांच जारी है।