एक महीना बीत जाने के बावजूद रेप के आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज न किए जाने से गुस्साए लोगों ने सोमवार दोपहर दूसरे तवी पुल पर जाम लगा दिया। इससे प्रेस क्लब से बिक्रम चौक की ओर आने वाले वाहनों को ब्रेक लग गई।
लगभग एक घंटा से ज्यादा समय तक मार्ग ठप रहने से वाहनों की लंबी कतार लग गई लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस के उच्च अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाओं ने जाम हटाया।
इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही अदिती शर्मा ने कहा कि महिलाएं थाने में मदद और न्याय के लिए जाती हैं, लेकिन उन्हें अपमानित किया जाता है। हाल ही में डोडा (गंदोह) में बलात्कार का शिकार हुई युवती ने जब थाने में शिकायत की तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया।
यह अकेला मामला नहीं है, जब युवतियों के साथ पुलिस का ऐसा बर्ताव हो रहा है। इससे पहले भी रामबन में जब एक महिला ने अपने पति की दूसरी शादी के खिलाफ थाने में शिकायत की तो पुलिस ने कार्रवाई से इंकार कर दिया। आरएस पुरा में एक महिला को उसके जेठ ने बुरी तरह पीटा, लेकिन पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की।
सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष प्रेस क्लब के पास प्रदर्शनी मैदान में इकट्ठा हुए और वहां से पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की ओर निकली। इसके बाद उन्होंने तवी पुल की ओर रुख कर लिया।
महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा पार करते ही महिलाएं पुल के बीच बैठ गईं और जाम लगा दिया। पहले पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानीं। महिला पुलिस न होने के कारण पुलिस कुछ नहीं कर पाई। इससे जाम बढ़ता चला गया।
पुलिसकर्मियों ने तत्काल मामले की सूचना उच्च पुलिस अधिकारियों को दी। लगभग एक घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जाम को लेकर खेल चलता रहा। इसी दौरान महिला पुलिसकर्मियों को लाइन से बुलाया गया। आईपीएस संदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को समझाया और उन्हें धरना उठाने के लिए मना लिया।