रियासत में चलने वाली टाटा सूमो अब अपनी मर्जी से नहीं चल सकेंगी। इनके चलने के लिए रूट तय किए जाएंगे और वहीं पर यह चलेंगी। शहर में इनके रुकने के लिए स्टैंड भी बनाए जाएंगे। जल्द ही इसे लेकर एक बैठक होगी और इसमें रूपरेखा तय होगी। परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने अमर उजाला को इसकी जानकारी दी।
इनके न तो रूट तय हैं, न कोई किराया और न ही यह पता है कि यह चलती कहां से हैं और कहां जाती हैं। अब इस पर शिकंजा कसा जाएगा। जम्मू रियासत के सभी 22 जिलों में टाटा सूमो चलती हैं, जिनकी संख्या चार से पांच हजार के बीच है। लेकिन अपने ही बनाए गए नियमों से यह चल रही हैं।
मंत्री ने कहा कि सभी टाटा सूमो के रूट तय होंगे ताकि एक नियम और कायदे में यह चल सकें। अभी पीक सीजन शुरू हो गया है। बाहरी राज्यों से पर्यटक आना शुरू हो गए हैं। इसलिए पर्यटकों के साथ कोई लूट खसूट न हो, इसलिए इनके रूट तय होंगे।