रियासत में सरकार गठन के लिए फिलहाल कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। पीडीपी ने कोई पहल शुरू नहीं की है। अमित शाह की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के सिलसिले में दिल्ली गए राज्य के भाजपा नेताओं ने राजनीतिक हालात की जानकारी पार्टी हाईकमान को दी है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां नेता डा. फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर दोहराया है कि जल्द ही सरकार गठन के संबंध में चौंकाने वाले परिणाम पार्टी दे सकती है।
उधमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि महबूबा तसद्दुक मुफ्ती को राजनीति का एबीसीडी सिखा रही हैं तो वह रियासत को डीईएफ दिखा सकते हैं।
भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के बीच सियासी खिचड़ी पकनी शुरू
फारूक के बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलके में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के बीच सियासी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है।
यह कयासबाजी इस वजह से भी है कि उन्होंने अमित शाह की ताजपोशी का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वास है कि भाजपा देश में विकास करेगी। पिछले दिनों भी डा. फारूक ने कहा था कि यदि भाजपा की ओर से कोई प्रस्ताव आता है तो पार्टी की वर्किंग कमेटी उस पर विचार करेगी।
भाजपा के लिए सरकार गठन की दिशा में पीडीपी की पहल का इंतजार लंबा होता जा रहा है। आठ जनवरी से रियासत में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद से भाजपा चर्चा के लिए पीडीपी की पहल का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।
पीडीपी अभी तक सरकार गठन पर लगातार चुप्पी साधे हुए है
हालांकि, पीडीपी अभी तक सरकार गठन पर लगातार चुप्पी साधे हुए है। भाजपा चाहती है कि गठबंधन पर चर्चा के लिए पीडीपी पहल करे। महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री बनाने पर भी भाजपा सहमत हो चुकी है।
इसके बावजूद पीडीपी ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पीडीपी की कोर ग्रुप की बैठक में महबूबा मुफ्ती को पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करने का अधिकार दिए जाने के बाद उम्मीद बनी थी कि अब जल्द ही भाजपा से चर्चा का दौर शुरू होगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
पीडीपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अब 31 जनवरी को श्रीनगर और तीन फरवरी को जम्मू में पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है ताकि फीडबैक के अलावा सियासी परिदृश्य पर चर्चा हो सके।