फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महबूबा के भाई तसद्दुक ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'मेरी जीत के लिए जान का जोखिम न उठाएं'

Sat, 18 Mar 2017 08:47 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/अनंतनाग
विज्ञापन
अपने भाई के साथ महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
विज्ञापन
लोकसभा उपचुनाव में अनंतनाग संसदीय सीट से पीडीपी के प्रत्याशी और महबूबा मुफ्ती के भाई तसद्दुक मुफ्ती ने कहा, उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की जान की फिक्र सबसे पहले है। चुनाव में हार-जीत का मामला बाद में मायने रखता है। तसद्दुक ने कहा, पार्टी कार्यकर्ता सबसे पहले अपनी जान बचाएं। उन्हें जिताने की खातिर अपनी जान का जोखिम न उठाएं।
विज्ञापन


अनंतनाग डाक बंगले में आयोजित कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, वह अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की तरह सच्चाई पर आधारित सियासत में विश्वास रखते हैं। उपचुनाव के नतीजे क्या आते हैं, यह अलग बात है, लेकिन वह पार्टी कार्यकर्ताओं और अवाम की खिदमत को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।

पार्टी कार्यकर्ताओं को भी अवाम की खिदमत में जुट जाना होगा। तसद्दुक ने कहा, उपचुनाव में उनकी जीत बेशक लोकतंत्र और पार्टी की जीत होगी, इसके बावजूद वह पार्टी कार्यकर्ताओं को सबसे पहले अहमियत देते हैं। वह हमेशा कार्यकर्ता और अवाम के लिए खुद को समर्पित करने की सोच रखते हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन

चुनाव बहिष्कार का आह्वान नया नहीं: राममाधव 

राम माधव - फोटो : File Photo
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने कहा है कि कश्मीर में अलगाववादियों के लोकसभा उपचुनाव के बहिष्कार के आह्वान में कुछ नया नहीं है। पूर्व में भी अलगाववादी चुनाव बहिष्कार का आह्वान करते रहे हैं और लोगों की चुनाव में भागीदारी रही है।

राममाधव ने कहा कि इस बार भी हम लोगों से कहेंगे कि वे बड़ी संख्या में लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी करें। लोकतंत्र का उत्सव चुनाव होते हैं और लोगों को लोकतंत्र में अपनी मर्जी के उम्मीदवार को वोट करना चाहिए।

उपचुनाव पर नहीं होगा धमकियों का असर : डॉ. जितेंद्र
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में दो लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में आतंकियों और अलगाववादियों की धमकी व बहिष्कार का कोई असर नहीं होगा।

डिजिधन मेले में पहुंचे डॉ. सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कश्मीर की जनता अब जागरूक हो चुकी है। विशेष तौर पर युवा पूरी तरह से सजग हो गए हैं। इस प्रकार की धमकियों और बहकावे से कश्मीर की जनता गुमराह नहीं होने वाली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें