नेशनल कांफ्रेंस के नेता शफकत अली वटाली ने भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तालिबान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, आईएसआई, आईएसआईएस और अल-कायदा का इस्तेमाल सांप्रदायिक ताकतों द्वारा भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। वटाली ने कहा कि हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए बनाई गई सांप्रदायिक नफरत है।
इससे पहले इसी महीने की 21 तारीख को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अपने पड़ोसी(अफगानिस्तान) को देखो। जहां से महाशक्ति अमेरिका को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी। अमेरिका बोरिया-बिस्तर बांधकर वापस जाने पर मजबूर हो गया। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर केंद्र सरकार वाजपेयी के सिद्धांत पर वापस नहीं आती है और बातचीत शुरू नहीं करती, तो बर्बादी होगी।
इसके बाद पीडीपी मुखिया ने कहा कि कश्मीरी कमजोर नहीं हैं, वे बहुत बहादुर और धैर्यवान हैं। धैर्य रखने के लिए बहुत साहस चाहिए। जिस दिन सब्र की दीवार टूट जाएगी, तुम परास्त हो जाओगे। आजादी के बाद अगर भाजपा की सरकार बनी होती तो जम्मू-कश्मीर भारत में न होता। बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने ये बयान कश्मीर संभाग के कुलगाम में दिया है।