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Azad resignation: ताज मोहिउद्दीन ने कांग्रेस का साथ छोड़ थामा आजाद का दामन, जम्मू में समर्थकों ने भरी हुंकार

Mon, 29 Aug 2022 02:19 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस बीच आजाद समर्थकों ने जम्मू के सैनिक कॉलोनी स्थित एक फार्म हाउस में बैठक कर पार्टी गठन तथा आजाद के हाथ को मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई।
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जम्मू में गुलाम नबी आजाद के पक्ष में बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस में संकट बढ़ता जा रहा है। पार्टी को एक और झटका लगा है। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आजाद खेमा का साथ देने का फैसला किया है। इस बीच आजाद समर्थकों ने जम्मू के सैनिक कॉलोनी स्थित एक फार्म हाउस में बैठक कर पार्टी गठन तथा आजाद के हाथ को मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई।

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ताज ने पत्रकारों को बताया कि आज मैंने कांग्रेस अध्यक्ष और महासचिव और अन्य को पत्र लिख कर कहा कि मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता सहित उन सभी पदों से इस्तीफ ा दे रहा हूं जो मेरे पास थे। उन्होंने कहा कि वह आजाद के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होंगे।

नई दिल्ली में गुलाम नबी आजाद से मिलते जम्मू कश्मीर के नेता - फोटो : पीटीआई
आजाद नीत पार्टी का भाजपा से कोई संबंध नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके रिश्ते निजी हैं न कि राजनीतिक। आजाद के मोदी के साथ संबंध का मतलब यह नहीं है कि वे राजनीतिक संबंध हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि उनके भाजपा के साथ कुछ रिश्ते हैं। व्यक्तिगत संबंध और राजनीतिक संबंध हमेशा अलग होते हैं। वे दो बार संसदीय कार्य मंत्री रहे और उस समय विपक्ष के साथ उनके अच्छे संबंध थे।

गुलाम नबी आजाद - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारा भाजपा से कोई रिश्ता नहीं है और मैं अल्लाह की कसम खाता हूं। हम धर्मनिरपेक्ष हैं और किसी भी तरह से गैर-धर्मनिरपेक्ष पार्टी के साथ कोई संबंध नहीं रख सकते हैं। कहा कि आजाद सोनिया गांधी और राजीव गांधी के नजदीकी माने जाते हैं लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस ने बड़े नेताओं को नजर अंदाज किया। पार्टी नेताओं के जाने से कांग्रेस बड़े पैमाने पर बिखर गई है। 

गुलाम नबी आजाद - फोटो : Amar Ujala
उधर, दिल्ली में आजाद से मुलाकात कर लौटे उनके समर्थकों ने जम्मू में बैठक कर वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अब कांग्रेस के साथ नहीं बल्कि आजाद के साथ हैं। लगभग 500 समर्थक डीडीसी, बीडीसी तथा पंचायत प्रतिनिधियों व पूर्व विधायकों ने कहा कि आजाद जब जम्मू आएंगे तो और भी कई नेता कांग्रेस छोड़ साथ आएंगे। इसमें न केवल कांग्रेस बल्कि अन्य दलों के नेता भी होंगे। यह भी चर्चा की गई कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में आजाद की पार्टी पूरी दमखम के साथ उतरेगी और जीत का परचम लहराएगी। 

गठबंधन की जरूरत पड़ी तो नेकां-पीडीपी के साथ

उड़ी के पूर्व विधायक ने कहा कि अगर चुनाव के बाद गठबंधन की जरूरत पड़ी तो वे नेशनल कॉन्फ्रें स या पीडीपी के साथ गठबंधन करेंगे। उनके घोषणापत्र में चार अगस्त 2019 की स्थिति को बहाल करने का जिक्र होगा जब जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था और संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत उसकी विशेष स्थिति थी।

प्रदेश कांग्रेस में अब कुछ बचा नहीं

मोहिउद्दीन ने कहा कि कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख नेता आजाद के साथ आ चुके हैं और जो कांग्रेसी नेता अन्य दलों में शामिल हुए थ वे भी उनके साथ आ जाएंगे। दावा किया कि अब यहां कांग्रेस पार्टी में कुछ नहीं बचा है। कांग्रेस अब दो या तीन सीट ही जीत सकती है। 

कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल में जुटी प्रदेश कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और अन्य नेताओं के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस के बचे नेताओं ने रविवार को डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया। रविवार को प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति ने श्रीनगर में बैठक कर राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर आस्था प्रकट की और गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे को स्वार्थ की राजनीति का बड़ा उदाहरण बताया। बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा, नेतृत्व और धर्मनिरपेक्ष चरित्र को अंतिम सांस तक समर्थन देने का संकल्प लिया है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष विकार रसूल ने कहा कि गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश कांग्रेस में अब जो नेता व कार्यकर्ता हैं, वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दें।

 

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कांग्रेस कार्यकर्ता (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस ने केंद्र में कई बार मंत्री से लेकर जम्मू कश्मीर में मुख्यमंत्री और लोकसभा व राज्यसभा में भेजने के अलावा बड़े पदों पर काम करने का मौका दिया, लेकिन उन्होंने ऐसे समय पर कांग्रेस छोड़ी, जब राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी उपचार के लिए विदेश में थीं। बैठक में प्रो. सैफुद्दीन सोज, पीरजादा मोहम्मद सईद, तारिक हमीद कर्रा, रमण भल्ला, मूला राम, खेमलता वाकलू, योगेश साहनी, रमण मट्टू, बशीर अहमद माग्रे, मोहम्मद मुज्जफर पैरे, गुलाम नबी मोंगा और एसएस चन्नी ने हिस्सा लिया।

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