घाटी की हसीन वादियों में जल्द टैगोर हाल खुलेगा। नौ साल से बंद पड़े इस हाल में दोबारा थियेटर गतिविधियां शुरू हो पाएंगी।
करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार घाटी में अपनी तरह के इस एकमात्र हाल में प्रोफेशनल कलाकारों को नया प्लेटफार्म मिल पाएगा।
जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सचिव डा. अजीज हाजनी ने बताया कि अगले सप्ताह टैगोर हाल का मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन करना प्रस्तावित है।
पूरी तरह से वातानुकूलित इस हाल में थियेटर से जुड़े कलाकारों को नया मंच मिलेगा। इसके अलावा जम्मू स्थित अभिनव थियेटर को भी दरबार मूव के साथ नवंबर में खोला जाना प्रस्तावित है।
पिछले कई साल से बंद चल रहे इस थियेटर पर काम किया जा रहा है। वर्ष 2005 में जबरदस्त भूकंप के कारण टैगोर हाल को क्षति पहुंची थी, जिसके बाद इसका मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू किया गया।
इस बीच कई उतार-चढ़ाव आए। वर्ष 2014 में हाल का काम लगभग मुकम्मल कर लिया गया था, लेकिन सितंबर में आई बाढ़ से हाल को दोबारा क्षति पहुंची। मौजूदा समय में हाल के प्रोजेक्ट को लगभग पूरा कर लिया गया है।
यहां ओपन एयर थियेटर बनाने का भी प्रस्ताव है। अकादमी के सचिव हाजनी के अनुसार ओपन एयर थियेटर के लिए वित्त विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है।
आतंकवाद और अन्य दूसरे कारणों से घाटी में सुस्त पड़ी थियेटर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच देने के प्रयास किए जाएंगे।
इस बीच शनिवार को संस्कृति मंत्री प्रिया सेठी ने टैगोर हाल के मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। सितंबर की बाढ़ के बाद इसे जेकेपीसीसी एजेंसी द्वारा तैयार कराया गया है।