अलगाववादी नेता यासीन मलिक को बहुचर्चित रुबिया अपहरण एवं एयरफोर्स कर्मियों की हत्या मामले में पांच अगस्त को जम्मू के टाडा कोर्ट में पेश किया जाएगा। टाडा कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सोमवार को सुनवाई की।
इस दौरान तिहाड़ जेल के इंचार्ज को आदेश दिया कि यासीन को कोर्ट में पेश करें। तब तक केस को बहस के लिए स्थगित किया जाता है। टाडा कोर्ट के प्रिसाइडिंग अफसर सुभाष गुप्ता ने इस मामले में यासीन के प्रोडक्शन वारंट जारी किए।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने सीबीआई के अतिरिक्त प्रासीक्यूशन निदेशक एस के भट्ट को मामले में स्पेशल पब्लिक प्रासीक्यूटर नियुक्त किया है। बता दें कि 1990 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद का आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बदले आतंकियों की रिहाई की गई।
रुबिया को छोड़ दिया गया। इसी तरह एक आतंकी हमले में एयरफोर्स के 40 लोग घायल हो गए थे। दो की मौके पर ही मौत हो गई थी। इन दोनों मामलों में यासीन मलिक का नाम शामिल है। तीन महीने पहले ही यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया था।
वह इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। सोमवार को टाडा कोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। यासीन मलिक इस मामले में टाडा कोर्ट जम्मू से केस को श्रीनगर शिफ्ट करने की अपील भी कर चुके हैं।