टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार अलगाववादियों के लिए पत्थरबाजों के फोन कॉल रिकार्ड भी मुसीबत बनेंगे। अलग-अलग स्थानों पर पत्थरबाजी में शामिल युवाओं की ट्रैकिंग में कई चौंकाने वाले तथ्यों की जानकारी मिली है। विभिन्न स्थानों पर हुए मुठभेड़ों के दौरान कई पत्थरबाजों की लोकेशन मिली हैं। इस दौरान हुर्रियत नेताओं से बातचीत के भी रिकार्ड हैं।
सूत्रों के अनुसार टेरर फंडिंग मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद 50 से अधिक पत्थरबाजों के मोबाइल फोन के कॉल रिकार्ड खंगाले गए। इस दौरान यह पता चला कि यह पत्थरबाज हुर्रियत नेताओं के संपर्क में रहते हैं। अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा, बडगाम, त्राल, अवंतीपोरा आदि स्थानों पर मुठभेड़ स्थलों के पास पत्थरबाजी करने वाले पेशेवर पत्थरबाजों के फोन कॉल रिकार्ड खंगाले गए तो पाया कि कुछ पत्थरबाज सभी स्थानों पर मुठभेड़ स्थल पर मौजूद रहे और भीड़ को उकसा कर मुठभेड़ को बाधित करने में जुटे थे।
ये पेशेवर पत्थरबाज अपने घर से भी दूर देखे गए, जिससे इस बात को बल मिला कि वे किसी के इशारे पर मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि एनआईए के पास इस बात के भी सुबूत हैं कि हुर्रियत नेताओं की ओर से पत्थरबाजों को हिंसा भड़काने के लिए पैसे दिए गए। खासकर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद। पत्थरबाजों ने किन-किन लोगों से बात की है, इसकी भी जानकारी एकत्र की गई है। सूत्रों ने बताया कि निशाने पर रहे पेशेवर पत्थरबाजों के फेसबुक एकाउंट भी खंगाले गए हैं। इनमें कई ने पत्थरबाजी में शामिल होने की बात अपने पोस्ट में लिख रखी है।
गिरफ्तार हुर्रियत नेताओं से पूछताछ में हो सकता है इसका इस्तेमाल, गिरफ्तार हुर्रियत नेताओं से रिमांड के दौरान पूछताछ में एनआईए की ओर से फोन कॉल रिकार्ड से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस दौरान मिली जानकारी की अलगाववादियों से क्रास चेकिंग कराई जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि कई ऐसी अन्य अहम जानकारियां भी फोन कॉल रिकार्ड से मिली हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान प्रयोग किया जा सकता है।