पार्टी के संभागीय उपाध्यक्ष, पुंछ के सूरनकोट से दो बार विधायक व समाज कल्याण मंत्री रहे सैयद मुश्ताक अहमद बुखारी ने पार्टी के साथ अपना चालीस वर्ष का नाता तोड़ दिया। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
नेशनल कांफ्रेंस को जम्मू संभाग में एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के संभागीय उपाध्यक्ष, पुंछ के सूरनकोट से दो बार विधायक व समाज कल्याण मंत्री रहे सैयद मुश्ताक अहमद बुखारी ने पार्टी के साथ अपना चालीस वर्ष का नाता तोड़ दिया। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पहाड़ी समुदाय की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने पार्टी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला को त्यागपत्र भेजा है।
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बुखारी ने कहा कि पहाड़ी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने के लिए चलाए जा रहे संघर्ष का पार्टी ने विरोध किया है। पार्टी ने संघर्ष से हाथ खींचने को भी कहा। ऐसी स्थिति में उन्हें पार्टी से अलग होना ही बेहतर लगा। रविवार को जम्मू में पहाड़ियों की तरफ से सर्वदलीय अधिवेशन का आयोजन किया गया था।
इसकी अध्यक्षता उन्होंने की थी। अधिवेशन में सभी राजनीतिक दल के विधायक एवं अन्य नेता उपस्थित थे। नेकां आला कमान को मेरा वहां रहना अच्छा नहीं लगा। उन्होंने एतराज जताया तो हमने त्यागपत्र देना उचित समझा।
पहाड़ियों को अधिकार न दिला पाए तो राजनीति व्यर्थ
बुखारी ने कहा कि पहाड़ी समुदाय को उनका अधिकार न दिला पाएं तो राजनीति करना बेमानी है। बुखारी ने कहा कि पहाड़ियों को जनजाति का दर्जा हर हाल में दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब हमारा लक्ष्य समुदाय के अधिकारों के लिए काम करना है। पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति दर्जा दिलाने वाले दल को ही समुदाय के 11 लाख से ज्यादा वोट मिलेंगे।