1971 के युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की जीत के उपलक्ष्य में वुसन बटालियन, 3-सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स, सीआईएफ (किलो फोर्स) ने दिव्यागों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का संचालन निष्ठा ठाकुर, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं प्रेरक वक्ता द्वारा किया गया।
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कार्यशाला के आयोजन के दो दिनों के दौरान, फिजियोथेरेपिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ऑडियोलॉजिस्ट, प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स जैसे विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा लोगों की विकलांगता के स्तर का पता लगाने के लिए विभिन्न प्रकार के आकलन किए गए। इसके बाद, इन विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए। जिसमें दिव्यागों को अपनी दिन-प्रतिदिन की समस्याओं को एक कुशल तरीके से समझने और निपटने में मदद मिली। निष्ठा ठाकुर द्वारा संचार और जीवन कौशल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
वुसन बटालियन की राइफल महिलाओं और आर्मी गुडविल स्कूल के एनसीसी लड़कों और लड़कियों ने योगदान दिया। जिसके परिणामस्वरूप आयोजन का सफल आयोजन हुआ। कार्यशाला में लगभग 83 दिव्यांग शामिल हुए।
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कार्यशाला के अंत में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर महेश्वर सिंह, कमांडर 3-सेक्टर ने सहायक उपकरणों के साथ दिव्यांगों को सम्मानित किया। उन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने में बहुमूल्य योगदान के लिए निष्ठा ठाकुर, होप डिसएबिलिटी, डॉक्टरों और गैर सरकारी संगठनों की टीम को भी सम्मानित किया।