राज्य की नियंत्रण रेखा पर सैन्य ठिकानों के आसपास संदिग्धों का मिलना आम हो गया है। जो सेना की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। पिछले एक साल पर नजर डालें तो एलओसी से सटे सैन्य ठिकानों और सैन्य शिविरों के आसपास सौ से अधिक संदिग्ध पकड़े गए हैं।
पकड़े जाने वालों में अधिकतर खुद को मानसिक रूप से कमजोर और कुछ भूल कर पहुंच जाने की बात करते हैं। सेना ऐसे लोगों को आए दिन पकड़ रही है। अब पुलिस के साथ बात भी की जा रही है कि ऐसे लोगों की पहचान और इनको सैन्य ठिकानों तक पहुंचने से रोका जाए।
सबसे ज्यादा संदिग्ध पुंछ जिले के मेंढर इलाके से पकड़े गए हैं। पिछले एक साल में यहां एलओसी के पास करीब 20 संदिग्ध लोग सेना ने पकड़े। इनको सेना ने पकड़ा और फिर पुलिस को सौंप दिया। इतने ही लोग पुंछ में भी पकड़े गए। इसके बाद राजोरी जिले के झंगड़, सेरी का इलाका आता है।
यहां सेना ने पिछले एक साल में 10 से अधिक संदिग्ध लोगों को पकड़ा। बारामुला के उड़ी, सोपोर, पटन इलाके की एलओसी के पास भी 30 से अधिक संदिग्ध लोग पकड़े गए। सेना ने इन्हें पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। कुल मिलाकर राज्य के विभिन्न जिलों की एलओसी के पास सेना ने पिछले एक साल में 100 के करीब संदिग्ध लोगों को पकड़ा और फिर पुलिस को सौंपा।