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जेल में संदिग्ध आतंकी का कत्ल: कौन है अरुण चौधरी उर्फ अबु? जिसने अब्दुल रहमान को मार डाला; पूरी क्राइम कुंडली

Tue, 10 Feb 2026 09:48 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

फरीदाबाद में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए 20 साल के संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप उसी सेल में बंद अरुण चौधरी पर लगा है। 
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Abdul Rahman murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जम्मू के आरएस पुरा के गांव खौड़ देओनियां का रहने वाला अरुण चौधरी उर्फ अबु जट्ट कुख्यात गैंगस्टर है। अबु जट्ट उस समय चर्चा में आया जब उसका नाम सांबा के विजयपुर में दिसंबर 2023 को हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड से जुड़ा। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के चलते आठ एफआईआर दर्ज हैं। 
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इनमें सात एफआईआर जम्मू-कश्मीर व एक एफआईआर पंजाब के अमृतसर में दर्ज है। एक ठगी का मामला भी इनमें शामिल है। अरुण संगठित अपराध, आपराधिक साजिश और गंभीर हिंसक वारदात में शामिल रहा है। 

कई आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। इसी गिरोह ने अक्षय की गोली मारकर हत्या की थी। अपराध के बाद भागते समय उसका हाथ भी काटा लिया था। इस मामले में आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार मिले थे। 
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आरोपियों की ओर से किसी पीड़ित को मारकर उसका हाथ काटकर ले जाने का यह पहला मामला था। इसके बाद से अबु जट्ट अलग-अलग आपराधिक मामलों में शामिल होता रहा। वर्ष 2023 में पंजाब में एक मुठभेड़ के बाद अरुण को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कठुआ जेल में रखा था।


 

कठुआ जेल प्रशासन पर लगाए थे रिश्वत लेने के आरोप
वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उसने कठुआ जेल प्रशासन पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वीडियो वायरल करके दो लाख रुपये लेने के आरोप लगाए थे। जेल के अंदर अनुशासन को तार-तार करता रहा। इसके कारण उसे अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया जाता रहा है।

मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था अरुण चौधरी
वर्ष 2023 में पंजाब में हुई मुठभेड़ के बाद अरुण चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। उसे जम्मू-कमशीर के कठुआ जेल में रखा गया था। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2024 में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर मोबाइल फोन और सुविधा प्रदान करने के एवज में दो लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे।

वह वीडियो वायरल भी हुई थी। इसके बाद अक्तूबर-2024 में अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट को कठुआ जेल से नीमका जेल में ट्रांसफर किया गया था। अरूण चौधरी को नीमका जेल में करीब 20 दिन पहले ही चक्की सेल में शिफ्ट किया गया था।
 

नीमका जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
फरीदाबाद में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए 20 साल के संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप उसी सेल में बंद अरुण चौधरी पर लगा है। 

 

अरुण चौधरी को जम्मू कश्मीर की कठुआ जेल से अक्तूबर 2024 में फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। देर रात सोते हुए अब्दुल रहमान के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या की गई है। वारदात के दौरान इस सेल में तीसरा बंदी जम्मू कश्मीर का ही सोएब रियाज भी था। इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है।

एसीपी तिगांव अशोक कुमार ने बताया कि बल्लभगढ़ सदर थाना में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही, केस की जांच अपराध शाखा डीएलएफ को ट्रांसफर कर दी गई है। जेल से आरोपी अरुण चौधरी को प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गिरफ्तार हुआ था अब्दुल रहमान
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली इलाके से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गुजरात एटीएस व पलवल एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ डबुआ थाना में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियां के संपर्क में था। 

अबू सूफियां ने ही अपना हैंडलर भेजकर बांस रोड स्थित खेत के पास गड्ढा खुदवाकर जमीन में दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर भी छुपाए थे। अब्दुल रहमान को ये छुपाने के स्थान की लोकेशन दी गई थी, जिसके बाद आतंकी यहां पहुंचा और गड्ढे की मिट्टी हटाकर ये सामान वाला पैकेट उसने निकालकर अपने बैग में रख लिया था। 

अब्दुल रहमान को ये सामान लेकर 4 मार्च को वापस अयोध्या पहुंचना था। लेकिन यहां की लोकेशन व आरोपी की फोटो मिलने पर उसे काबू कर लिया गया। मामले में एसटीएफ अब्दुल रहमान के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। आरोपी के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। दिसंबर 2025 में ही उसकी जमानत याचिका भी जिला अदालत से खारिज हुई थी।

 

अब्दुल रहमान को नीमका जेल की बैरक सुरक्षा वार्ड नंबर 3बी साइड में चक्की नंबर 2 में रखा गया था। इसके साथ ही इस चक्की यानि हाई रिस्क आरोपियों की बैरक में जम्मू कश्मीर के मीर साहब थाना इलाके के खोर सलारियन आरएस पुरा के रहने वाले अरुण चौधरी व जम्मू कश्मीर के ही सोएब रियाज को भी रखा गया था।

सोते हुए अब्दुल रहमान की हत्या की
रविवार रात को तीनों बंदी सो गए थे। देर रात 2 बजे अरुण चौधरी ने अब्दुल रहमान के सिर व अन्य हिस्सों पर पत्थर से कई वार किए। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। सो रहा सोएब रियाज नींद से जागा तो अरुण ने उसे भी डराया धमकाया। जेल वॉर्डन ने ये देखकर तुरंत अन्य सहकर्मियों को सूचना दी। जेल के ही अस्पताल में अब्दुल रहमान को ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को बीके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया।

 
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जेल प्रशासन ने प्रक्रिया के तहत सूचना स्थानीय पुलिस व मजिस्ट्रेट को दी। मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने मृतक अब्दुल रहमान के परिवार को भी सूचित कर दिया है। 
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