जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बुक-बाइंडर(किताबों की जिल्दसाजी करने वाले) सुरेश सिंह ने कश्मीर प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 10 वीं रैंक प्राप्त की है। इस सफलता को लेकर सुरेश ने कहा कि यह लंबी प्रक्रिया थी लेकिन मैं लगातार प्रयास करता रहा। उन्होंने अपने पिता को अपना प्रेरणास्रोत बताया। सुरेश सिंह ने कहा कि यह उनका ही सपना था कि मुझे अच्छी नौकरी मिले। इसलिए मैंने उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात पढ़ाई की।
बता दें कि इरमीम अपने सपनों को साकार करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर का सफर तय करना होता था। बताया जाता है कि यह दूरी इरमीम पैदल ही तय करती थीं। इसकी वजह थी कि उनके गांव के पास कोई अच्छा स्कूल नहीं था। इरमीम कहती हैं कि सभी के जीवन में कुछ न कुछ समस्या होती है, लेकिन चुनौतियों से लड़ने पर ही सफलता आपके पास आएगी।