एसिड अटैक मामले में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल और मिजोरम के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन पांच राज्यों के मुख्य सचिवों से पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। इन सभी से दो हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा गया है। इससे पहले पांचों राज्यों की ओर से पेश वकीलों ने अपील की कि उन्हें आखिरी मौका दिया जाए लेकिन पीठ ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एसिड हमले से पीड़ित लोगों के पुनर्वास से संबंधित पॉलिसी लागू करने के बारे में पूछा था। कोर्ट ने यह चेतावनी भी दी थी कि जो राज्य सरकार जवाब नहीं दाखिल करेगी, उस राज्य के मुख्य सचिव को अदालत में तलब किया जाएगा।
मध्य प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल और मिजोरम को छोड़कर सभी राज्य सरकारों की ओर से जवाब दाखिल किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट परिवर्तन केंद्र द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही है।
केंद्र सरकार के मुताबिक, गत वर्ष देश में एसिड हमले के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2014 में एसिड अटैक की 309 घटनाएं सामने आईं। सबसे अधिक घटनाएं उत्तर प्रदेश में हुई। वर्ष 2011 में एसिड अटैक के 83 मामले सामने आए थे। वहीं वर्ष 2012 में 85 जबकि 2013 में 66 मामले सामने आए थे।
एसिड अटैक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए थे। इनमें पीड़ितों के पुनर्वास के अलावा एसिड की खुली बिक्री पर पाबंदी लगाई गई थी। बगैर पहचान पत्र के एसिड की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। लाइसेंस प्राप्त दुकानदार ही एसिड की बिक्री कर सकते हैं।
दुकानदारों को एसिड के खरीदार का रिकॉर्ड भी रखने के लिए कहा गया। एसिड की अवैध बिक्री को गैर जमानती अपराध बना दिया गया है। इसके अलावा एसिड अटैक के पीड़ितों का इलाज मुफ्त में करने का निर्देश दिया गया था।
इनमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं। साथ ही पीड़ितों को कम से कम तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कई अन्य निर्देश भी दिए थे।