सुंजवां में फिदायीन हमला करने वाले आतंकियों ने नई वर्दी खरीद कर पहन रखी थी। यह वर्दी सीआरपीएफ की थी। वर्दी के ऊपर बाकायदा (के.रि.सु.ब.) लिखा हुआ था। ऐसा पहली बार हुआ है कि आतंकी हमले में सीआरपीएफ की वर्दी का इस्तेमाल हुआ हो।
यही नहीं, सैन्य जवान काले रंग के जूते पहनते हैं, लेकिन वे स्पोर्ट्स वाले जूते पहन कर आए थे। इससे उन्हें जल्द पहचान लिया गया। सूत्रों का कहना है कि तीनों आतंकियों की वर्दी बिल्कुल नई खरीदी गई थी। यह वर्दी कहां से खरीदी गई? इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने सुंजवां, बठिंडी, चौआदी, सैनिक कालोनी इलाके में कई कई दुकानों से पूछताछ की। पता लगाया जा रहा है कि पिछले दस दिन में सीआरपीएफ की वर्दी कहां और किसने खरीदी। सूत्रों का यह भी कहना है कि आतंकी जब ब्रिगेड में घुसे तो उनके घुसते ही एक संतरी ने उन्हें पहचान लिया। सेना के जवान वर्दी के साथ काले रंग के फार्मल जूते पहनते हैं। लेकिन आतंकियों ने स्पोर्ट्स जूते पहने हुए थे। इस वजह से पहचाने गए।
आतंकियों के पास कोई कम्युनिकेशन यंत्र नहीं मिला
किसी को खबर न हो, इसलिए आतंकियों ने कश्मीर से जम्मू पहुंचने के लिए किसी मोबाइल या अन्य कम्युनिकेशन गजेट्स का इस्तेमाल नहीं किया। आतंकियों की तलाशी में कोई ऐसा यंत्र बरामद नहीं हुआ, इससे साफ है कि इन आतंकियों को गाइड सीधा बिग्रेड के पास छोड़ कर गया। सूत्रों का कहना है कि यह आतंकी पुलवामा के त्राल इलाके से आए थे। वहां से जम्मू आते वक्त इन्होंने कहीं फोन पर बात नहीं की।
ये मिले थे आतंकियों के पास
398 राउंड गोलियां, एक यूबीजीएल, दो एके 56, एक 47, तीन पिट्ठू बैग, पानी, जूस, ड्राई फ्रूट, बिस्कुट (सब भारत निर्मित)।