मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के हुमहामा में बीएसएफ की 182 बटालियन कैंप पर हुए हमले में एक चौंका देने वाली खबर सामने आई। मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी कैमोफलौज यूनिफार्म पहने पहले तो जवान बनने का नाटक करता रहा, लेकिन बाद में उसकी संदिग्ध हरकत देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने उसे ढेर कर दिया।
सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही ने अमर उजाला से फोन पर की विशेष बातचीत में कहा कि मंगलवार को मुठभेड़ के दौरान एडमिनिसट्रेटिव ब्लाक से एक आतंकी बाहर की ओर आया और जहाँ सीआरपीएफ के जवान मोर्चा संभाले हुए थे उससे थोड़ी ही दूर मोर्चा संभालते हुए उसी बिल्डिंग की ओर फायरिंग करने लगा जिस ओर सभी जवान फायर कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि आतंकी ने भी कैमोफलौज यूनिफार्म पहना हुआ था। जिससे उससे पहले पहचानना थोड़ा मुश्किल हुआ। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान हमारे कुछ अधिकारियों ने उसे वहां देखा तो उन्होंने सोचा कि हमने तो इस पोजीशन पर किसी को तैनात नहीं किया था तो यह कहा से यहाँ आया।
उसकी संदिग्ध हरकत देखने के बाद लगातार थोड़ी देर तक उस पर नजर बनाई गई और जब उन्हें लगा कि वह उनकी ओर बंदूक मोड़ रहा है तो उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे वहीं ढेर कर दिया गया। गौरतलब है कि समय पर उसकी निशानदेही होने से कई जवानों की जान जाने से बच गई। अगर उसे नहीं मार गिराया होता तो पता नहीं कितने जवान वीरगति को प्राप्त हो सकते थे।