संभाग के कालेजों में शुक्रवार (16 अक्तूबर) से तीन दिन काला दिवस मनाया जाएगा। इसमें वर्ष 1966 में हुए छात्र आंदोलन में शहीद हुए चार छात्रों को याद किया जाएगा।
इस दौरान कालेजों में कक्षाओं का बहिष्कार करके विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जीजीएम साइंस कालेज के बाहर शहीदी स्थल पर मुख्य कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी शामिल होंगे। इस दौरान युवाओं और विद्यार्थियों के साथ भेदभाव के मुद्दों पर आवाज बुलंद की जाएगी।
नेशनल पैंथर्स स्टूडेंट यूनियन की ओर से 17 अक्तूबर को सुबह 9 बजे साइंस कालेज शहीदी स्थल पर कार्यक्रम आयोजित होगा।
यूनियन के पदाधिकारी वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि शहीदों को याद करने के साथ अलग जम्मू राज्य की मांग की जाएगी। इसमें जम्मू प्रदेश में मुज्जफराबाद से किश्तवाड़ और लखनपुर से पीर पंचाल की बात की जाएगी।
पार्टी के चीफ पैट्रन भीम सिंह ने वर्ष 1966 के छात्र आंदोलन का नेतृत्व करके जम्मू के युवाओं को नई पहचान दी थी। शहीदों को श्रद्धांजलि देने पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
बता दें कि वर्ष 1966 के छात्र आंदोलन में जम्मू के हित के लिए चार छात्र नेता पुलिस फायरिंग में शहीद हुए थे। प्रो. भीम सिंह के साथ हजारों विद्यार्थियों ने जम्मू यूनिवर्सिटी स्थापित करने, टेक्निकल एजूकेशन कालेजेस, आयुर्वेदिक कालेज, एग्रीकल्चर ग्रेजुएट को एमबीबीएस और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट की तर्ज पर अपग्रेड करने के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन चलाया था।
इसमें 17 अक्तूबर को जीजीएम साइंस कालेज के परिसर में पुलिस फायरिंग में छात्र नेता ब्रिज मोहन, सुभाष चंद्र और गुलशन हांडा शहीद हो गए थे।
अगले दिन 18 अक्तूबर को कनक मंडी में एक रैली के दौरान गुरचरण सिंह ने पुलिस फायरिंग में शहादत पाई थी। इस घटना में अन्य 53 विद्यार्थी घायल हुए थे।