फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान जोखिम में डाल विद्यार्थी पहुंचते हैं स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश में खेलते हुए स्कूल जाने का अपना ही मजा होता है लेकिन जम्मू के उधमपुर में जैसे ही बारिश शुरू होती है तो स्कूली बच्चों की जान पर बन आती है।
विज्ञापन


इलाके के 100 से ज्यादा सरकारी स्कूल नालों के किनारों पर स्थित हैं। जब भी बरसात होती है तो इन स्कूलों के विद्यार्थी जान जोखिम में डाल कर नालों को पार करके स्कूल पहुंचते हैं।

कई बार तो नाले इतने उफान पर होते हैं कि विद्यार्थी स्कूल जाने के बजाए घर लौट जाते हैं।

नदी का एक पुल बह चुका है

देविका नदी पर बने कई दशक पुराने पुलों की हालत भी जर्जर हो गई है और अभी तक इसकी कोई मरम्मत नहीं हुई है। बरसात के कारण कुछ दिन पहले ही नदी का एक पुल बह चुका है। अन्य पुलों की मरम्मत की भी मांग उठने लगी है।

विधायक बलवंत मनकोटिया के अनुसार पुलों की मरम्मत को लेकर मामला संबधित विभाग से उठाया जाएगा। शहर के साथ लगते ग्रामीण इलाका मेल्डी में सरकारी मिडिल स्कूल मेल्डी नाले के किनारे पर चल रहा है।

इस स्कूल में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा बच्चे हर रोज नाला पार कर स्कूल पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में शिक्षकों की निगरानी में बच्चे नाला पार करते हैं और कई बार नाले में ज्यादा पानी होने पर वापस घर लौट जाते हैं।
विज्ञापन

शिक्षक विद्यार्थियों को नाला पार करवाते हैं

सरकारी मिडिल स्कूल उमाला का मुख्य गेट ब‌िलकुल नाले के किनारे पर ही है। तेज बारिश होने पर जलस्तर बढ़ जाता है। शिक्षक अपनी जान जाखिम डाल कर विद्यार्थियों को पकड़ कर नाला पार करवाते हैं।

सरकारी मिडिल स्कूल थर्ड भी नाले के किनारे पर स्थित है। इस स्कूल की दो इमारतें हैं। एक नई व दूसरी पुरानी। दोनों इमारतों में करीब आधा किलोमीटर का फासला है। नई इमारत एक बड़े खतरनाक नाले के किनारे पर स्थित है।

अभिभावकों के साथ शिक्षक भी हमेशा विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं जहां हर रोज विद्यार्थी जान जोखिम में डाल कर स्कूल पहुंचे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें