बैंकिंग सेक्टर में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भले ही आईटी कंपनियों की मदद से आन लाइन परीक्षा लेने का क्रम शुरू हुआ है, लेकिन इस पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
शनिवार को प्राइवेट कंपनियों की मनमानी से एक परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गया। इसके बाद परीक्षार्थी थाने पहुंच गया और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नानक नगर निवासी विक्रम सिंह के अनुसार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आफिस असिस्टेंट (मल्टीपरपज) के लिए उसने आवेदन किया था। यह परीक्षा इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन की देखरेख में हो रही है।
बैंक से मिले एडमिट कार्ड (नंबर 1830701241) के अनुसार उसका सेंटर के सुजवां रोड, वेव माल के पास स्थित आजाद इंस्टीट्यूट आफ इन्फारमेशन में था। वह समय पर परीक्षा देने पहुंचा।
सेंटर पर उपस्थित अधिकारी ने उसके एडमिट कार्ड और आधार कार्ड से मिलान करवाया। उसके एडमिट कार्ड में नाम विक्रम सिंह था, जबकि आधार कार्ड में विक्रम सिंह चिब। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई, जबकि दोनों में फोटो एक जैसी थी।
जब उसने विरोध जताया तो उसे किसी गजटेड अफसर से अटेस्ट करवा कर आने को कहा। निर्धारित समय से एक-दो मिनट लेट किसी तरह वह अटेस्ट करवा कर परीक्षा केंद्र पहुंचा, लेकिन उसे परीक्षा देने नहीं दी गई।
जब उसने विरोध जताया तो उसे धक्के मारे गए। इसके बाद उसने बठिंडी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत की। पुलिस जब केंद्र पर पहुंची तो वहां उपस्थित अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और वह माफी मांगने लगे। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।