कुलगाम विधानसभा क्षेत्र से सीपीआई (एम) के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, खान साहेब से पीडीएफ विधायक हकीम मोहम्मद यासीन और लंगेट से निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल रशीद ने संयुक्त बयान जारी कर रियासत में गैर भाजपा सरकार के गठन पर जोर दिया है।
विधायकों का कहना है कि चुनाव में खंडित जनादेश से पहले रियासत के लोगों को बाढ़ से तबाही झेलनी पड़ी। सर्दियों में लोग परेशान हैं। निर्वाचित सरकार ही प्रभावित लोगों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर ठोस कदम उठा सकती है। उनका कहना है कि भाजपा किसी भी कीमत पर रियासत में सत्ता हासिल करने के प्रयास कर रही है।
इससे कश्मीरी लोगों की मुश्किलें बढ़ेगी। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वह गैर भाजपा सरकार की दिशा में गंभीरता से कदम उठाए। उनका कहना है कि गैर भाजपा गठबंधन को उनका समर्थन रहेगा।
पीडीपी के साथ भी जा सकती है नेकां
नेशनल कांफ्रेस के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू ने कहा है कि उनकी पार्टी का पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए विकल्प खुले हैं। जम्मू-कश्मीर में चुनाव के नतीजे आए एक हफ्ते से ज्यादा समय हो चुके हैं, बावजूद इसके सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां जारी हैं।
पीडीपी और भाजपा के गठबंधन की अटकलों पर नेकां ने पीडीपी पर निशाना साधा है। मट्टू के अनुसार, यदि पीडीपी भाजपा के साथ गठबंधन करती है, तो उसे कश्मीर के लोगों के रोष का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में पीडीपी ही एक ऐसा राजनीतिक दल था, जिसने अनुच्छेद 370 को एक मुख्य मुद्दा बनाया था।
मट्टू ने कहा कि यदि पीडीपी यह दावा कर रही है कि उसके पास सरकार बनाने के आंकड़े पूरे हैं, तो वह सरकार बनाने में इतना समय क्यों ले रही है। इससे यह लग रहा है कि पीडीपी राज्य के लोगों को धोखा दे रही है।
डीपी प्रवक्ता नईम अख्तर के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को बैठक की, जबकि पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद पार्टी के नेताओं के साथ गठबंधन पर सोच-विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीडीपी कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती।