कश्मीर घाटी में मुठभेड़ स्थल पर आसपास के इलाकों से पत्थरबाजों के जुटने पर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हो गई हैं। एक बार फिर से पत्थरबाजों के व्हाट्सएप ग्रुप उनके रडार पर आ गए हैं। इनपुट है कि हिंसा भड़काने के लिए इन्हें फिर से सक्रिय किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं।
अप्रैल से लेकर अब तक मुठभेड़ स्थल पर हिंसक झड़पों में 16 पत्थरबाज मारे जा चुके हैं, जबकि 250 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। मुठभेड़ स्थल पर न जाने की डीजीपी की हिदायत और मुठभेड़ स्थल से दो किमी के दायरे में जाने पर पाबंदी के बाद भी युवाओं के पहुंचने के पीछे पत्थरबाजों के व्हाट्सएप ग्रुप को जिम्मेदार माना जा रहा है।
ग्रुप में सूचनाएं प्रसारित कर युवाओं से मुठभेड़ स्थल पर पहुंचने की अपील की जाती है। यही वजह है कि दूरदराज से भी युवा पत्थरबाजी करने पहुंच जाते हैं। पिछले दिनों टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की ओर से पत्थरबाजों के ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई से इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें फिर से तेजी आ गई है।
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यह महज संयोग नहीं है कि सैकड़ों की तादाद में युवा पत्थरबाजी करने के लिए पहुंच जाते हैं। इसके पीछे सोची समझी साजिश हो सकती है।