विधानसभा चुनाव में माइक्रो पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी केंद्र सरकार के विभागों से ही होंगे। रियासत के अधिकारियों की माइक्रो पर्यवेक्षक की भूमिका में नहीं रखा जाएगा। चुनाव के दिन मतदान केंद्रों में हो रही हर गतिविधि की जानकारी वह रियासत के चुनाव अधिकारियों को देने के बजाय सीधे आयोग या फिर जनरल पर्यवेक्षकों को देंगे।
आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निष्पक्ष और साफ-सुथरे ढंग से मतदान की प्रक्रिया चले, इसके लिए खास प्रशिक्षण से गुजरे माइक्रो पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों पर नियुक्त किया जाएगा। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष तौर पर वह खास निगाह रखेंगे। जम्मू कश्मीर के अधिकारियों या कर्मचारियों को माइक्रो पर्यवेक्षक की भूमिका में नहीं रखा जाएगा।
मतदान से लेकर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की सीलिंग और अन्य दस्तावेजों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत ही रखा जाए। इस पर भी माइक्रो पर्यवेक्षकों की नजर होगी। फिलहाल रियासत के हर जिले में जनरल पर्यवेक्षक और मतदाताओं में जन जागरूकता लाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के पर्यवेक्षक पहुंच चुके हैं। सहायक चुनाव अधिकारी जय कुमार का कहना है कि माइक्रो पर्यवेक्षक मतदान से दो से तीन दिन पहले ही रियासत में पहुंचेंगे।