रियासत के राज्यमंत्रियों का कद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उन्हें कई नए अधिकार प्रदान कर दिए हैं। अब राज्य मंत्री स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर तबादला नीति के अनुसार नान गजटेड कर्मचारियों के तबादले मंजूर कर सकते हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस बाबत निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार राज्य मंत्री अब तीन करोड़ तक के निर्माण कार्य, 15 लाख रुपये तक की एडवांस राशि और जेके मेडिकल अटेंडेंस अलाउंस रूल्स के तहत नान-गजटेड कर्मचारियों को राज्य से बाहर इलाज कराने की मंजूरी दे सकेंगे।
वे अपने से उच्च पदों का दायित्व संभालने वालों का अलाउंस स्वीकृत करने, राज्य से बाहर नान गजटेड अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देने, तकनीकी कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देने, स्टाफ को फेस्टिवल एडवांस मंजूर करने और रिक्त नान गजटेड तथा गजटेड पदों पर भर्ती के लिए सिलेक्शन कमेटी, स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड या पब्लिक सर्विस कमीशन को भेज सकते हैं।
राज्य मंत्री सरप्लस तथा सेवायोग्य न रहने वाले स्टोर्स के लिए सर्वे कमेटी गठित करने, पुराने वाहनों को कंडम कर उनके स्थान पर उपलब्ध बजट में नए वाहनों की खरीद को मंजूरी देने व जेके फाइनेंसियल कोड के अनुसार ठेकेदारों तथा सप्लायर को ब्लैक लिस्टेड करने के भी अधिकारी होंगे। विभिन्न कमेटियों की रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
उन्हें विभाग के कंटीजेंट फंड से स्टेशनरी की स्थानीय खरीद, नान गजटेड कर्मचारियों के इंक्रीमेंट रोकने, समारोह से संबंधित खर्चों को मंजूरी देने, नान गजटेड कर्मचारियों को हाउस बिल्डिंग एडवांस स्वीकृत करने तथा वित्त विभाग की सहमति से कर्मचारियों को मानदेय स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है।