भिंडरावाले के पोस्टर से शुरू हुए बवाल में शुक्रवार को एसएसपी जम्मू उत्तम चंद को हटाकर विवेक गुप्ता को नया एसएसपी बनाया गया। जम्मू में दिन भर तनाव के हालात रहे। अफवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इंटरनेट और व्हाट्स एप सुबह से ही बंद करवा दिए थे। बुधवार को पुलिस की गोली से युवक की मौत के संबंध में एसओजी के पीएसओ मुकेश सैनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने शव के पोस्टमार्टम की इजाजत दी।
अस्पताल से शव वापस पहुंचते ही प्रदर्शनकारी एक बार फिर भड़क उठे। मौके पर मौजूद एक न्यूज चैनल की सकार्पियो को आग के हवाले कर दिया। कुछ अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। डीसी सिमरनदीप सिंह के अनुसार सतवारी और मीरां साहेब थान क्षेत्रों में कर्फ्यू तथा पूरे शहर में धारा 144 शनिवार को भी लागू रहेगी। स्कूल-कालेज पूरी तरह से बंद रहे। कुछ इलाकों में पैट्र्राल पंप, बैंक और बाजार भी बंद रहे। लोकल ट्रासपोर्ट और बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं। शिक्षण संस्थाओं में शनिवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सेना ने फ्लैग मार्च किया।
युवक की मौत के विरोध में प्रदर्शनों का सिलसिला दिनभर जारी रहा। शाम को जब युवक का शव रानीबाग पहुंचा तो गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ लोगों को चोटें आईं। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर खड़े मीडिया के एक वाहन को भी आग लगा दी। बाद में युवक का शव उसके पैतृक गांव चोहाला ले जाया गया। अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।
इससे पहले आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज न करने पर उत्तेजित लोगों ने पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। दोपहर बाद पुलिस ने पीएसओ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। युवक की मौत के विरोध में शुक्रवार को शहर के तमाम हिस्सों में प्रदर्शन किया गया। जम्मू-पठानकोट हाइवे को डिगियाना आश्रम के सामने पूरी तरह ठप कर दिया गया। सतवारी से आरएस पुरा की ओर जाने वाली सड़क भी बंद रही।
डिगियाना, कनाल रोड, तालाब तिल्लो, रिहाड़ी, गंग्याल, बख्शी नगर, नरवाल और गोल गुजराल में प्रदर्शन हुए। सतवारी थाना क्षेत्र और उसके आसपास के इलाके में बैंक और बाजार पूरी तरह बंद रहे। जम्मू के अलावा कठुआ, सांबा, पुंछ और राजोरी में भी युवक की मौत के विरोध में प्रदर्शन हुए। युवक का पोस्टमार्टम होने के बाद उसका शव दोपहर बाद जीएमसी से रवाना हुआ। प्रशासन ने सतवारी चौक से रानी बाग तक सड़क पूरी तरह खाली करवा दी थी।
रानी बाग पुली के पास से प्रदर्शनकारियों को एयरपोर्ट की ओर आने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। प्रशासन ने मृतक के घर तक शांतिपूर्ण शव पहुंचाने की व्यवस्था की थी। डीसी और एसएसपी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। रानी बाग पुली के पास शव पहुंचते ही प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे। पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी पीछे हटने को मजबूर हुए।