दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के डायलगाम इलाके में रविवार को हुई मुठभेड़ में आतंकी रौफ खांडे से एसएसपी अल्ताफ खान करीब आधे घंटे तक फोन पर सेरेंडर करने की अपील करते रहे। लगभग आधे घंटे तक एसएसपी ने कोशिश की आतंकी हिंसा के मार्ग को छोड़ कर मुख्यधारा में वापस आ जाए और अपने परिवार के साथ बेहतर जिंदगी बिताए लेकिन उनकी कोशिश नाकाम साबित हुई। इसके बाद आतंकी मार गिराया गया।
उन्होंने बताया कि हमें जब पता चला कि आतंकी इस घर में मौजूद हैं तो हमारे करीब पौने घंटे समझाने के बाद एक आतंकी ने सेरेंडर कर दिया, लेकिन उस घर में मौजूद दूसरे आतंकी ने हमारी अपील ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि उससे बात करने के लिए मैंने एक फोन अंदर भेजा।
उसे करीब पौने घंटे तक मैं उसे समझाता रहा कि जिस रास्ते पर तुम चल रहे हो वो गलत है। तुम बीएससी की पढ़ाई कर रहे थे वापस आकर अपनी तालीम पूरी करो। एसएसपी ने उसे जिहाद का असली मतलब भी समझाया। उन्होंने आपस में बातचीत के बाद उसे सोचने के लिए पंद्रह मिनट भी दिए।
उसने इस दौरान अपने अम्मी-अब्बू से बात करने की इच्छा जताई। एसएसपी ने फौरन ही उसके माता-पिता को बुलाया और उनसे भी उससे सेरेंडर करने की अपील की, लेकिन वो नहीं माना, लेकिन उसने हमारी और अपने परिजनों की भी बात नहीं मानी, जिसके बाद वो फायरिंग के दौरान मार गिराया गया।
मां को खाली हाथ आता देखना बेहद दुखद
एसएसपी ने कहा कि उसकी मां जब अपने बेटे को समझा रही थी और वह नहीं माना तो वो बाहर आ गई। उसके मां-बाप के उस हालत को बयां कर पाना कठिन है। बेटे के बात न मानने पर उसकी मां वहां से तुरंत चली गई।
युवाओं को दिया संदेश
एसएसपी अनंतनाग अल्ताफ खान ने घाटी के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलना गलत है। इस्लाम भी इसकी इजाजत नहीं देता है। बंदूक उठाना किसी समस्या का हल नहीं है। युवाओं को बंदूक छोड़ना चाहिए।