- रीढ़ की हड्डी की 11 घंटे लंबी सर्जरी के बाद दुर्लभ होलोकॉर्ड इंट्रामेडुलरी ट्यूमर को हटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। शेरे-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टरों ने 18 साल की मरीज में एक दुर्लभ रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर को निकालने के लिए 11 घंटे की लंबी सर्जरी की है। यह क्षेत्र में अब तक की सबसे जटिल रीढ़ की हड्डी की सर्जरियों में से एक है। इस सर्जरी की पूरी प्रक्रिया निशुल्क की गई।
डॉक्टरों के अनुसार इस सर्जरी में 17 स्तरीय लेमिनोप्लास्टी शामिल थी इसके बाद रीढ़ की हड्डी के भीतर इंट्रामेडुलरी ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया गया। यह एक तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है जिसे अग्रणी न्यूरो सर्जिकल केंद्रों में भी बेहद कम प्रयास किया जाता है। यह ऑपरेशन डॉ. अबरार अहद वानी, प्रोफेसर और न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख ने अपने समर्पित शल्य चिकित्सा दल के साथ नेतृत्व किया। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. जुल्फिकार अली ने किया।
इस सर्जरी के 11 घंटे की जटिल सर्जरी के दौरान युवा मरीज की शारीरिक स्थिरता सुनिश्चित की गई। सर्जरी के बाद मरीज अच्छी तरह से स्वस्थ हो रहा है और न्यूरोलॉजिकल सुधार के प्रोत्साहक संकेत दिखा रहा है। सर्जरी के बाद मरीज के परिवार के सदस्य ने डाॅक्टरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम साधारण परिवार से हैं और बाहर इलाज का खर्च नहीं कर सकते थे।
एसकेआईएमएस ने हमारी बेटी के लिए सब कुछ मुफ्त में किया। उनकी बेटी असहनीय दर्द में थी और दिन-व-दिन ताकत खो रही थी लेकिन आज उसके पास फिर से उम्मीद है, हम प्रो. अबरार अहमद वानी और पूरी एसकेआईएमएस की टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारे बच्ची की जान बचाई।