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श्रीनगर सचिवालय में काम पर क्यों नहीं लौट रहे कर्मचारी?

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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद भी श्रीनगर स्थित सचिवालय में कामकाज पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाया है। दूसरे दिन भी कर्मचारियों की उपस्थिति मात्र दस फीसदी ही रही। इसके चलते कामकाज पूरी तरह प्रभावित है। हालांकि बताया जा रहा है कि सचिवालय में घुसा पानी भी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका है। दूसरे जम्मू में रहने वाले कर्मचारी भी फिलहाल श्रीनगर जाने से कतरा रहे हैं।
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श्रीनगर में बाढ़ के बाद से प्रशासन पूरी तरह पंगु हो गया है। आलम ये है कि प्रशासन की शीर्ष संस्था सचिवालय में भी कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है। हालांकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जल्द से जल्द व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य 18 सितंबर को सचिवालय में कामकाज शुरू करने के निर्देश दिए थे।

लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी सचिवालय में व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाया है। पहले दिन गुरुवार को मात्र दस फीसदी कर्मचारी सचिवालय पहुंचे तो दूसरे दिन शुक्रवार को भी कमोबेश यही स्थिति रही। गिनती के कर्मचारी ही काम पर लौटे।
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लगातार प्रभावित हो रहा बाढ़ राहत का काम

हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने काम संभाल लिया है। बावजूद इसके कर्मचारियों के न आने के कारण कामकाज काफी प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार अधिकतर कर्मचारी अभी तक बाढ़ से उत्तपन्न हुई समस्याओं में ही फंसे हुए हैं।

जब तक श्रीनगर में व्यवस्‍था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती तब ‌तक कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि सचिवालय में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी कश्मीर संभाग के ही रहने वाले हैं और बाढ़ के चलते ज्यादातर कर्मचारी और उनके परिजन प्रभावित हुए हैं।

ऐसे में फिलहाल अधिकतर कर्मचारियों का ध्यान अपने परिवार पर है। यही कारण है कि सरकार की लाख हिदायत के बाद भी कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
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सचिवालय में भरा है एक फुट पानी

दूसरे जम्‍मू के रहने वाले कर्मचारी भी फिलहाल वहां के हालात को देखते हुए श्रीनगर का रुख करने से बच रहे हैं। दूसरी ओर इसके चलते सरकार का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

खासकर बाढ़ राहत को लेकर न कोई नीति बन पा रही है न कोई व्यवस्‍था। सरकार और कर्मचारियों की इस उदासीनता का खामियाजा बाढ़ से प्रभावित आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

दूसरी ओर ये भी बताया गया है कि सचिवालय में बाढ़ के दौरान भरा पानी अभी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका है। लगभग एक फिट के करीब पानी सचिवालय के कई हिस्सों में अभी भी जमा है। जिसे निकालने का काम किया जा रहा है। ऐसे में सोमवार से पहले व्यवस्‍था दुरुस्त होने की गुंजाइश कम ही नजर आ रही है।
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