श्रीनगर। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हंदवाड़ा से 55 करोड़ रुपये के फंड को जीएमसी उधमपुर डायवर्ट करने के आरोपों का स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने रविवार को खंडन किया है।
उन्होंने कहा कि जीएमसी उधमपुर के पास भारत सरकार की ओर से आवंटित अपना फंड है। एक संस्थान से दूसरे संस्थान को फंड डायवर्ट करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है। सज्जाद लोन की ओर से लगाए गए आरोप निराधार और वास्तविकता से कोसों दूर हैं। दोनों कॉलेजों को भारत सरकार की ओर से मंजूरी दी गई है और प्रत्येक के लिए अलग-अलग फंड स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी को भी गलत सूचना फैलाने का अधिकार नहीं है। दोनों कॉलेज हमारे हैं हमारे लोगों के हैं। हम जीएमसी हंदवाड़ा से जीएमसी उधमपुर या जीएमसी उधमपुर से जीएमसी हंदवाड़ा को फंड डायवर्ट नहीं करेंगे। नुटनुसा हंदवाड़ा में नए चिन्हित स्थान पर काम फिर से शुरू करने के बारे में मंत्री ने कहा कि कुछ अनापत्ति प्रमाण पत्र अभी भी लंबित हैं। शिलान्यास हमारे लिए मायने नहीं रखता। हम बस चाहते हैं कि कॉलेज जल्द से जल्द स्थापित हो। ब्यूरो