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तकनीकी परिवर्तनों के साथ शिक्षा प्रणाली को जोड़ने की जरूरत : इत्तू

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जीसीओई श्रीनगर में शिक्षा में एआई और 21वीं सदी के कौशल का एकीकरण कार्यक्रम में सकीना इत्तू। संव
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- शिक्षा मंत्री ने राजकीय महाविद्यालय में ‘शिक्षा में एआई और 21वीं सदी के कौशल का एकीकरण’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित
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अमर उजाला ब्यूरो

श्रीनगर। शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में ‘शिक्षा में एआई और 21वीं सदी के कौशल का एकीकरण’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीकी परिवर्तनों के साथ शिक्षा प्रणाली को जोड़ने की बहुत जरूरत है।
यह दो दिवसीय सम्मेलन राजकीय महाविद्यालय के नवाचार एवं कार्य अनुसंधान प्रकोष्ठ द्वारा कश्मीर के स्कूली शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को सम्मेलन से पहले सकीना इत्तू ने श्रीनगर स्थित राजकीय शिक्षा महाविद्यालय के नवनिर्मित विज्ञान प्रयोगशाला खंड का उद्घाटन किया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स प्रदर्शनी में लगे स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और छात्रों एवं शोधकर्ताओं द्वारा प्रदर्शित एआई-आधारित शैक्षिक उपकरणों और परियोजनाओं का अवलोकन किया।
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सम्मेलन में सकीना इत्तू ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल अध्ययन का विषय नहीं है, बल्कि शिक्षार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, सहयोग और समस्या-समाधान को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। आज की शिक्षा को हमारे छात्रों को न केवल भविष्य की नौकरियों के लिए, बल्कि वर्तमान की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना चाहिए। एआई और 21वीं सदी के कौशल को एकीकृत करने से हमारे युवा ज़िम्मेदारी से नवाचार करने और ज्ञान-संचालित अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त होंगे।

उन्होंने इस तरह के दूरदर्शी सम्मेलन के आयोजन में संस्थान के प्रयासों की भी सराहना की। इत्तू ने शिक्षार्थियों और शिक्षकों की सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया एक एआई-आधारित शैक्षिक चैटबॉट आईएएसई मेंटरबोर्ट भी जारी किया। प्रो. के. श्रीनिवास ने आधुनिक शिक्षा प्रणालियों में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका और शिक्षकों के लिए डिजिटल नवाचार को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपर मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में शैक्षिक योजना में एआई को एकीकृत करने के लिए नीति-स्तरीय दृष्टिकोण और प्रशासनिक प्रयासों पर जोर दिया, जबकि क्लस्टर विश्वविद्यालय श्रीनगर के कुलपति प्रो. मोहम्मद मोबिन ने इस पहल की सराहना की और एनईपी-2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अंतःविषय सहयोग को प्रोत्साहित किया।
अपने स्वागत भाषण में जीसीओई की प्राचार्या डॉ. सीमा नाज़ ने शिक्षा को और अधिक गतिशील और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 21वीं सदी के कौशलों को एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा शांतमनु, कुलपति, प्रो. मोहम्मद मोबिन, प्रो. के श्रीनिवास, स्कूल शिक्षा महानिदेशक डॉ. जीएन इत्तू, कॉलेज निदेशक डॉ. शेख एजाज आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने किया दुर्र-ए-नायाब का विमोचन
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को वली मोहम्मद इत्तू की जीवनी दुर्र-ए-नायाब का विमोचन किया, जिसे उनकी बेटी और मंत्री सकीना इत्तू ने लिखा है। यह पुस्तक पूर्व मंत्री और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष वली मोहम्मद इटू के जीवन और योगदान का वर्णन करती है, जिनकी 18 मार्च 1994 को जम्मू में हत्या कर दी गई थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें एक बहादुर, योग्य, ईमानदार और मेहनती व्यक्ति बताया, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उमर ने कहा, मैं इत्तू साहब से मिला था, उनका व्यक्तित्व, उनके काम करने का तरीका और लोगों के साथ उनका रिश्ता आज इस हॉल में दिखाई देने वाले प्यार और सम्मान से स्पष्ट है। मुख्यमंत्री ने याद किया कि कैसे उग्रवाद के अशांत दौर के बावजूद इत्तू अपने सिद्धांतों और अपनी पार्टी के प्रति अडिग रहे। एक बहादुर पिता ने इस समुदाय को एक बहादुर बेटी दी। अगर इत्तू साहब आज जीवित होते, तो उन्हें सकीना इत्तू पर गर्व होता। मुख्यमंत्री ने सकीना इत्तू को डॉ. फारूक अब्दुल्ला की ओर से भी बधाई दी। इस अवसर पर वली मोहम्मद इत्तू के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। ब्यूरो
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