श्रीनगर। पूर्व नौकरशाह और सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई (आईएएस सेवानिवृत्त) ने रविवार को कहा कि भारत 2047 तक तभी विकसित राष्ट्र बन सकता है जब गरीबी का उन्मूलन हो, शिक्षा सभी तक पहुंचे और मीडिया निष्पक्ष व ईमानदार भूमिका निभाए।
गनई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से आयोजित एक व्याख्यान में बोल रहे थे, जिसका विषय था ''विकसित भारत और मीडिया''। इस व्याख्यान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शाहिद रसूल ने मुख्य व्याख्यान दिया जिसमें अन्य वक्ताओं ने भी हिस्सा लिया।
गनई ने कहा कि 2047 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य कई मापदंडों को हासिल करने पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मतलब है कि गरीबी शून्य हो, शिक्षा 100 प्रतिशत लोगों तक पहुंचे और लोग भौतिक रूप से सुखी जीवन जी सकें।
उन्होंने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित सुविधाएं होनी चाहिए और वे सुव्यवस्थित दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें यूरोप या अमेरिका की तरह बनने की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें एक सम्मानजनक स्तर तक विकास करना होगा। गनई ने सामाजिक एकता और शांति पर कहा कि लोगों को एक-दूसरे से प्रेम करना चाहिए, सद्भाव होना चाहिए और शासन तेज, कुशल, डिजिटल और पारदर्शी होना चाहिए।
उनके अनुसार, बिना किसी बड़ी बाधा के और निर्धारित लक्ष्यों के भीतर इस दृष्टिकोण को प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को भी इस यात्रा का हिस्सा होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर को पीछे नहीं रहना चाहिए। इसे एक विकसित क्षेत्र बनना चाहिए जहां गरीबी न हो और सभी को समान सुविधाएं मिलें।
गनई ने राष्ट्रीय उद्देश्यों को प्राप्त करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सत्य और निष्पक्ष मीडिया के बिना विकसित भारत संभव नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मीडिया सच नहीं बताएगा या उसे छिपाएगा तो हम अपनी गलतियों को कैसे सुधारेंगे?। यदि गलतियां होती रहेंगी और मीडिया उन्हें उजागर नहीं करेगा तो हम आगे कैसे बढ़ेंगे?
उन्होंने मीडिया को एक निगरानी तंत्र और प्रहरी के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि इसे ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसे ईमानदार, सूचित और निष्पक्ष होना होगा । उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में जनता की धारणा में मीडिया को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जोड़ा नहीं जाता। गनई ने कहा कि यदि मीडिया पूरी ईमानदारी के साथ अपनी भूमिका निभाए, तो यह विकसित भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।