अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच कश्मीर (सीबीके) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तीन महीने की फरारी के बाद भ्रष्टाचार के आरोपी पटवारी को आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया।
एक प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर के हवल के रहने वाले आशिक अली जो असल में पन्नेर जागीर का रहने वाला है, को गिरफ्तार किया है। बलहामा श्रीनगर में पटवारी के रूप में कार्यरत यह आरोपी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) के साथ आरपीसी की धारा 167, 420, 120-बी के तहत दर्ज एफआईआर में वांछित था। यह मामला भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, झूठे दाखिल-खारिज और राजस्व अभिलेखों में गलत प्रविष्टियों के अपराधों से संबंधित है।
उन्होंने बताया कि गहन जांच और ठोस सबूतों के आधार पर नौ जुलाई 2025 को एक तहसीलदार सहित छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। लगातार प्रयासों के बावजूद आशिक अली मामला दर्ज होने के बाद से ही गिरफ्तारी से बच रहा था। हालांकि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीके की आर्थिक अपराध शाखा की एक विशेष टीम ने शनिवार आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। यह बताना उचित होगा कि आरोपी की जमानत याचिका न्यायालय की ओर से पहले ही खारिज कर दी गई थी।
प्रवक्ता के अनुसार क्राइम ब्रांच कश्मीर लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने और केंद्र शासित प्रदेश में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।