फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदेश का औद्योगिक विकास प्राथमिकता, एमएसएमई पर करें फोकस : एलजी

Sun, 21 Sep 2025 02:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
विज्ञापन
सीआईआई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की चौथी बैठक में उपराज्यपाल। स्रोत राजभवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कहा- देश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को आगे आकर यूटी के विकास को बढ़ावा देना चाहिए
विज्ञापन

एलजी ने विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए व्यापारिक नेताओं से मिलकर काम करने का आह्वान किया
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को उद्यमियों से कहा कि जम्मू-कश्मीर का औद्योगिक विकास प्राथमिकता है। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उपराज्यपाल श्रीनगर में सीआईआई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा, देश की बड़ी कंपनियों, कॉर्पोरेट घरानों और एमएसएमई को यह संकल्प लेना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का औद्योगिक विकास उनकी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी होगी। देश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को आगे आकर केंद्र शासित प्रदेश के तेज़ी से बढ़ते औद्योगीकरण का समर्थन करना चाहिए। आज, देश के शीर्ष औद्योगिक घरानों को यह ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में निवेश करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण और समावेशी विकास सुनिश्चित करना उनकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
विज्ञापन


उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में, व्यापारिक नेताओं की दूरदर्शिता और पहुंच की सराहना की और उनसे विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, दुनिया ने भारत में बढ़ता विश्वास दिखाया है। अब, उद्योग जगत की ज़िम्मेदारी है कि वह हमारी विकास प्रक्रियाओं को तेज़ और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की चुनौती का सामना करे। उपराज्यपाल ने एमएसएमई की उत्पादकता और निर्यात बढ़ाने और नवाचार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
विज्ञापन


अगली पीढ़ी के सुधारों से होगा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण

उपराज्यपाल ने कहा, जम्मू-कश्मीर में सूक्ष्म और लघु उद्योगों ने विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और हम इस बारे में नए विचारों के लिए खुले हैं कि हम पूरे केंद्र शासित प्रदेश में औद्योगीकरण कैसे फैला सकते हैं और पंचायत स्तर पर नए उद्यमों को कैसे प्रोत्साहित कर सकते हैं। अगली पीढ़ी के सुधारों से एमएसएमई और हस्तशिल्प इकाइयों को बहुत लाभ होगा और एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। उपराज्यपाल ने अनुसंधान एवं विकास में निजी निवेश की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला, जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें