श्रीनगर। रियासत के प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत शेख सैयद अब्दुल कादिर जीलानी के उर्स के अवसर पर मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉक्टर मौलवी मोहम्मद उमर फ़ारूक़ ने शनिवार को ख़ानयार स्थित दरगाह हज़रत दास्तगीर साहिब में जोरदार खुतबा पेश किया।
मीरवाइज ने हज़रत जीलानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह एक ऐसी प्रकाशमय शख्सियत थे जिनकी शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया में लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनी हुई हैं। उन्होंने कहा इस महान सूफी संत के जीवन का सबसे बड़ा सबक आत्म-सुधार और हृदय की पवित्रता है जो मनुष्य को नैतिक उत्कृष्टता और ईश्वर के निकट ले जाती है।
मीरवाइज ने कहा कि वर्तमान दौर में जब नफरत, संकीर्ण मानसिकता और असहिष्णुता तेजी से फैल रही है मुसलमानों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस्लाम की वास्तविक शिक्षाओं की ओर लौटें जो प्रेम, दया और मानवता की सेवा का संदेश देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, किसी सच्चे मुसलमान के हृदय में किसी के प्रति नफरत या दुर्भावना के लिए स्थान नहीं हो सकता। इस्लाम हमें अल्लाह की समस्त सृष्टि के प्रति सम्मान, सहानुभूति और भलाई का पाठ सिखाता है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह में शिरकत की, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। सभी ने मीरवाइज द्वारा दिए गए ईमान, एकता और आत्म-शुद्धि के संदेश को गहरी श्रद्धा के साथ सुना।