सात दिन तक बंद रहने के बाद मंगलवार को श्रीनगर-लेह राजमार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया। बीते दिनों हुई भारी बारिश से हाईवे पर कई जगह भूस्खलन होने के चलते हाईवे को बंद कर दिया गया था। हालांकि, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अभी भी यातायात बहाल नहीं हो सका है।
सेना और बीआरओ की टीमें जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जिला रामबन सहित कई जगह पस्सियां गिर आने से पड़े मलबे को हटाकर हाईवे को बहाल करने में जुटी हैं। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि 434 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-लेह हाईवे पर मंगलवार से सेना ने लेह में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई का काम भी शुरू कर दिया।
भारी बारिश के बाद भूस्खलन होने से तीन सितंबर को श्रीनगर-लेह हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि लेह-श्रीनगर हाईवे खोलने के बाद अब जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बहाल करने को प्राथमिकता दी जा रही है। बीआरओ ने हाईवे को खोलने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि लगातार छह दिन से बंद जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर बनिहाल, रामबन, बटोत, कुद, पत्नीटाप, चिनैनी, उधमपुर और जम्मू सहित कई जगह हजारों वाहन फंसे हैं। चार सितंबर को हाईवे बंद कर दिया गया था। हालांकि, मंगलवार को जम्मू-बटोत-डोडा-किश्तवाड़ और जम्मू राजौरी सड़क संपर्क बहाल कर दिया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रो तेल आपूर्ति के प्रयास
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेल के विभिन्न कंपनियों के माध्यम से पेट्रो आयल की सप्लाई बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आयल मार्केटिंग कंपनियों में से इंडियन आयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन कंपनियों द्वारा डीजल, एलपीजी, पेट्रोल तथा केरोसिन तेल की आपूर्ति के हरसंभव प्रयास करवाए जा रहे हैं।
आयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के उच्च अधिकारियों द्वारा जम्मू और श्रीनगर में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर मानीटरिंग के बाद कामन प्लान के तहत डीजल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और केरोसिन की आपूर्ति सुनिश्चित की दिशा में कार्य करवाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, गांदरबल, कुलगाम, राजोरी, पुंछ तथा रियासी जिलों में आयल कंपनियों की ओर से कार्य योजना तैयार कर पेट्रो तेलों की सप्लाई सुचारु करने में राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन की मदद भी ली जा रही है।
जम्मू, लेह तथा करगिल में तेल के स्टाक हैं, जबकि श्रीनगर क्षेत्र में बाढ़ के कारण लगातार रोड कनेक्टिविटी अवरुद्ध हो जाने से तेल नहीं है। तेल कंपनियां भी हाईवे खुलने और सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रही हैं।