-विकास कार्यों के लिए विधायकों से परामर्श अनिवार्य, किसी भी पद के सृजन का अनुमान नहीं लगाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से 2026-27 बजट के लिए प्रबंधों में जुट जाने को कहा है।
वित्त विभाग की ओर से जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों , बजट नियंत्रण अधिकारियों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) से अनुरोध है कि वे वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया पूरी गंभीरता से शुरू करें ताकि प्रशासनिक विभागों के भीतर इन अनुमानों की जांच, संकलन और समेकन किया जा सके और उन्हें वित्त विभाग को आगे प्रस्तुत किया जा सके।
परिपत्र के अनुसार सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अनुमानों की उचित जांच के बाद 30 अक्तूबर तक अपनी सिफारिशें वित्त विभाग को प्रस्तुत करें। परिपत्र में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक सचिवों से अनुरोध है कि वे प्रत्येक विभागाध्यक्ष के संबंध में बजट प्रस्ताव अधिसूचित तिथि तक वित्त विभाग को भेजें। विभागीय बजट प्रस्तावों पर चर्चा हेतु कैलेंडर अलग से अधिसूचित किया जाएगा। परिपत्र के अनुसार डीडीओ और विभागाध्यक्ष स्तर पर बजट तैयार करने का कार्य क्रमशः 20 से 25 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान और 2026-27 के लिए बजट अनुमान केवल स्वीकृत पदों के लिए तैयार किए जाएंगे। रिक्त या प्रतिनियुक्ति पदों के लिए कोई प्रावधान नहीं होगा। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि बजट अनुमान 2026-27 में 12 महीनों के लिए और संशोधित अनुमान 2025-26 में छह महीनों के लिए रिक्त पदों के प्रावधान को दर्शाने वाला एक अलग विवरण बजट प्रस्तावों के साथ संलग्न किया जाएगा। वित्त विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित अनुमान 2025-26 या बजट अनुमान 2026-27 में किसी भी पद सृजन का अनुमान या बजट नहीं लगाया जाएगा।
विभाग के अनुसार कार्यों से संबंधित 2025-26 के संशोधित अनुमान और 2026-27 के बजट अनुमान, दोनों को प्रत्येक विभागाध्यक्ष, डीडीओ और बजट नियंत्रण अधिकारी की ओर से संबंधित विधायकों के परामर्श से प्रक्षेपित किया जाएगा। निर्देशों में जोर दिया गया है कि सीडीएफ, डीडीसी/बीडीसी और पीआरआई/यूएलबी अनुदानों के अंतर्गत संशोधित अनुमान 2025-26, विधायकों, डीडीसी, बीडीसी और पीआरआई सदस्यों के परामर्श से उपलब्ध अनुदानों के भीतर अनुमानित किए जाएंगे।