- आतंकी हमले के बाद पहली बार हो रही शूटिंग, दक्षिण भारत की फिल्म यूनिट कर रही है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पर्यटकों पर निर्भर यहां की जिंदगी रुकी-रुकी सी थी। रविवार को नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम के बायसरन में केबल कार के परिचालन की अनुमति दी। सोमवार को दक्षिण भारत की फिल्म मेकिंग यूनिट ने यहां शूटिंग शुरू की है। लगातार दो अच्छे संकेतों ने यहां के लोगों में उम्मीद जगाई है।
लोगों का कहना है कि इससे पर्यटन और जल्द सामान्य हो सकेगा। पहलगाम हमले के बाद अधिकतर फिल्म यूनिट्स ने कश्मीर में अपने शूटिंग शेड्यूल रद्द कर दिए थे। सोमवार को फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ उम्मीद जताई जा रही है कि एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री घाटी की ओर लौटेगी। फिल्म के डायरेक्टर ओमर उर्फ एसके सैम ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद कई प्रोडक्शन हाउस ने यहां शूटिंग से परहेज किया था लेकिन अब जब हमने यहां एक नया प्रोजेक्ट शुरू किया है तो हमें उम्मीद है कि अन्य फिल्म यूनिट्स भी जल्द कश्मीर में शूटिंग के लिए आएंगी।
फिल्म के निर्देशक और मुख्य कलाकारों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कश्मीर में शूटिंग को लेकर कुछ आशंकाएं थीं। जब हम यहां पहुंचे तो हमें माहौल सुरक्षित और सकारात्मक मिला। लोग बहुत सहयोगी हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और हम बिना किसी बाधा के काम कर पा रहे हैं। फिल्म यूनिट के सदस्यों का कहना है कि कश्मीर की खूबसूरती और यहां के लोगों की मेहमाननवाजी ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है। वे भविष्य में भी यहां शूटिंग करने के इच्छुक हैं।
हमारे मेहमान आएं, हमें सबकुछ मिल जाए
पहलगाम निवासी राजिक मीर ने कहा कि पर्यटन से ही यहां के अधिकतर लोगों के घर चलते हैं। यहां शूटिंग होते देखना सुखद है जो हुआ उसे बदला तो नहीं जा सकता। फिर भी हम देश के लोगों से अपील करते हैं कि वह यहां आएं। हमारे मेहमान हमारे घर पहलगाम आएं तो हमें वापस सबकुछ मिल जाए। पहलगाम के ही घोड़े वाले आफताब अहमद ने कहा कि काफी समय से बेकार बैठे हैं। केबल कार को मंजूरी मिलना अच्छी बात है। पर्यटक लौटेंगे तो उनका भी घर चलेगा। अब बर्फ पड़ने वाली है। लोगों को इसे देखने आना चाहिए।