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आतंकवाद और नशे के खिलाफ समान संकल्प के साथ लड़ रही पुलिस : डीजीपी

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने कहा कि पुलिस बल पाकिस्तानी आतंकवादियों का लगातार पीछा कर रहा है साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, युवाओं को जोड़ने और नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में भी उतना ही संकल्प दिखा रहा है।
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वह श्रीनगर के सिंथेटिक टर्फ टीआरसी ग्राउंड में 20वें जम्मू-कश्मीर पुलिस शहीद स्मारक फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 के समापन समारोह में पहुंचे थे। डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हमेशा दोहरे दृष्टिकोण को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल हमेशा पाकिस्तानी आतंकवादियों के पीछे रहता है और यह पीछा निरंतर और अटल है। डीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस बल नशे की समस्या के खिलाफ पूर्ण और मेहनत से काम कर रहा है। पुलिस द्वारा संचालित 10 नशा मुक्ति केंद्र कई वर्षों से कार्यरत हैं और इस वर्ष 207 नशे के आदी लोगों का इलाज किया गया, जिनमें से लगभग 200 रोगी भर्ती थे।
नलिन ने कहा कि युवाओं को जोड़ना समाज को सही दिशा में रखने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पुलिस युवाओं को केंद्र शासित प्रदेश के बाहर ले जाकर देश के अन्य हिस्सों में शांति, प्रगति और परंपराओं से परिचित करा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 781 बच्चों ने यात्रा की थी, जबकि इस साल 981 बच्चों को इन कार्यक्रमों के तहत भेजा गया है।डीजीपी ने कहा कि यह आयोजन 1,614 पुलिस शहीदों की स्मृति को सम्मानित करता है। उन्होंने बताया कि इस साल मार्च में कठुआ जिले में बल ने चार कर्मियों को खोया है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को कई राहत उपायों के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है, जिसमें 1.7 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता वितरित की गई है, साथ ही भारत सरकार, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और संबंधित बैंकों के माध्यम से अतिरिक्त राहत प्रदान की गई है।
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डीजीपी ने कहा कि परिवारों को विशेष कल्याण राहत के माध्यम से भी सहायता दी जा रही है, जिसमें प्रत्येक परिवार को एकलाख रुपये और बेटियों की शादी के लिए अतिरिक्त 1 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा तक निजी या सरकारी स्कूलों में शैक्षिक सहायता प्रदान की जाती है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस पब्लिक स्कूलों में वरिष्ठ कक्षाओं के लिए मुफ्त स्थानांतरण सुविधा दी जाती है और छात्रवृत्ति पीजी, एमडी, एम.टेक और पीएचडी जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों को कवर करती है। उन्होंने कहा कि 2025 में शहीदों के पांच परिजन को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। नलिन ने कहा कि फुटबॉल टूर्नामेंट पुलिस शहीदों को सम्मानित करने की कई पहलों में से एक है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में कठुआ में एक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा जिसके बाद किश्तवाड़ में एक और टूर्नामेंट होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस का खेलों के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी भूमिकाओं से गहरा जुड़ाव है।

पुलिस प्रमुख ने बताया कि श्रीनगर में जश्न-ए-दल, पेडल फॉर पीस और मैराथन रन फॉर पीस जैसे आयोजन किए गए, जबकि जम्मू में जल्द ही मैराथन रन फॉर फन आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही ऑल इंडिया पुलिस जूडो क्लस्टर का उद्घाटन होगा।डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक और सम्मान अर्जित किए हैं।

उन्होंने बताया कि दो कांस्टेबलों ने बर्मिंघम, यूएसए में स्वर्ण सहित पदक हासिल किए हैं। कांस्टेबल हंसराज ने लद्दाख मैराथन के 12वें संस्करण में 1.25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता है।
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