संवाद न्यूज एजेंसी
कुलगाम। कुलगाम के उपायुक्त अतहर आमिर खान ने शनिवार को कहा कि जिला प्रशासन ने नशीली दवाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। पिछले साल 260 एफआईआर दर्ज की गईं और नशा-संबंधी गतिविधियों में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज कुलगाम की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में ये जानकारी दी। उपायुक्त अतहर आमिर ने कहा कि पुलिस, नागरिक प्रशासन और समुदाय के समन्वित प्रयास से कुलगाम में नशीली दवाओं के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन ने कुलगाम पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि हम पुलिस, नागरिक विभागों और स्थानीय निकायों के बीच पूर्ण समन्वय बनाए हुए हैं ताकि कुलगाम को सुरक्षित और नशा-मुक्त रखा जा सके।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व उपराज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या सरकार और समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी की जरूरत है। यह एक सामूहिक लड़ाई है।
गनई ने जिला प्रशासन और शिक्षा क्षेत्र द्वारा छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम युवा पीढ़ी को नशे के खतरों और स्वस्थ जीवन की महत्वता के बारे में जागरूक करने के लिए महत्वपूर्ण हैं”। उपायुक्त अतहर आमिर ने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल अपराधियों को सजा देना है, बल्कि जीवन बचाना और हमारे युवाओं के भविष्य की रक्षा करना भी है। हर स्कूल, कॉलेज और मोहल्ले को इस लड़ाई का हिस्सा बनना चाहिए।
कुलगाम प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि आने वाले हफ्तों में शैक्षिक संस्थानों, गांवों और बाजारों में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किए जाएंगे ताकि नशे की समस्या को खत्म करने में अधिक से अधिक सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।