संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। अनंतनाग की एक अदालत ने वीरवार को अपनी डिक्री के गैर-निष्पादन के लिए एक वरिष्ठ सिविल अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का समन जारी किया है। कोर्ट ने उसके वेतन को कुर्क करने का भी आदेश दिया है।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज अनंतनाग ताहिर खुरशीद रैना ने अपने आदेश में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के आयुक्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्हें अदालत के आदेशों की अवज्ञा करने के लिए जेल क्यों न भेजा जाए। अदालत ने विभाग के मुख्य अभियंता कश्मीर हाइड्रोलिक सर्कल के अधीक्षण अभियंता और बाढ़ नियंत्रण के कार्यकारी अभियंता को भी 17 नवंबर को अदालत में उपस्थित होने का समन जारी किया है।
याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मुकदमेबाजी में डिक्री प्राप्त करना सबसे आसान हिस्सा है लेकिन उसका निष्पादन सबसे कठिन। न्यायपालिका जो सतर्क प्रहरी है, को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अदालतों की डिक्री अक्षरशः और भावना से लागू हों तथा डिक्री धारकों को दालत द्वारा निर्णीत दावों का वैध लाभ मिले।
पिछले पांच वर्षों से निर्णय ऋणी की ओर से अदालत की डिक्री के गैर-निष्पादन पर गंभीर संज्ञान लेते हुए अदालत ने उनके वेतन कुर्क करने का आदेश दिया।