- तंगमर्ग में किया गया पेंशनर्स युनाइटेड फ्रंट की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सिविल सोसायटी फोरम के चेयरमैन अब्दुल कयूम वानी ने सोमवार को तंगमर्ग में आयोजित कार्यक्रम के बाद युवाओं की नौकरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह पेंशनरों को उनका हक दे।
सोमवार को बैठक बाद वानी ने बताया कि पेंशनर्स युनाइटेड फ्रंट के कार्यक्रम में हमने पेंशनर्स की सभी समस्याओं को रखा गया। सरकार पेंशनर्स के साथ नाइंसाफी करने में लगी है। 2025 में बिल पास किया। 1982 में जो सुप्रीम कोर्ट का फैसला था कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है, इसे खत्म करने के लिए सरकार फाइनेंस बिल लाई। हमने दिल्ली में भी मीटिंग की। दिसंबर में भी ऑल इंडिया बॉडी की मीटिंग है। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को भी हमने लिखा है।
सरकार का हर पेंशनर को 80 साल बाद 20 प्रतिशत वृद्धि केवल धोखा है, इस उम्र तक तो महज करीब पांच फीसदी की पेंशन जीवित रहते हैं। हमारी मांग हैं कि हर पांच साल बाद 60-65, 65-70 70-75 75-80 साल की उम्र में पांच-पांच प्रतिशत पेशन बढ़े।
वानी ने कहा कि मेरा सूबे की सरकार से भी कहना है कि पूरे देश में मेडिकल अलाउंस 1000 है, लद्दाख में भी है। सिर्फ कश्मीर में 300 रुपये है, यह दोहरा नियम न रखें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कहती है पेंशन के लिए फंड नहीं है, जबकि 10 लाख करोड़ पेंशन फंड में मौजूद है। अगर सरकार नहीं देगी तो अपने हक के लिए सभी पेंशनर्स और कर्मी सड़क पर उतरेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे।
निजी सेक्टर में लाखों पढ़े लिखे युवा काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मिल क्या रहा है। मैं एलजी साहब से कहना चाहता हूं कि लेबर कमिश्नर को देखना चाहिए कि हमारे नौजवानों के साथ नाइंसाफी हो रही है। निजी क्षेत्रों में जाकर देखना चाहिए कि युवा किन हालात में काम कर रहे हैं। क्या उन्हें योग्यता और मेहनत के हिसाब से पैसे मिल रहे हैं।