गांव शेर-ए-चक में निशानदेही के तहसीलदार के आश्वासन को 10 दिन पूरे
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ के गांव शेर-ए-चक में रास्ते की निशानदेही करने के लिए तहसीलदार की ओर से दिए गए आश्वासन को शुक्रवार को 10 दिन पूरे हो गए हैं। इन पूरे 10 दिन तक ग्रामीणों ने बेसब्री से निशानदेही करने आने वाली संयुक्त समिति का इंतजार किया है। अब उनका इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। क्योंकि, शुक्रवार को भी रास्ते की निशानदेही के आसार कम हैं।
2 मई को सुचेतगढ़ के तहसीलदार ने आदेश पारित कर गांव में निशानदेही को लेकर एक संयुक्त कमेटी का गठन किया था। इसमें नायब तहसीलदार अरनिया देशराज, नायब तहसीलदार सुचेतगढ़ हबीबुल्लाह और दोनों तहसीलों के पटवारी व गिरदावर शामिल हैं। आदेश के बाद 24 मई को संयुक्त कमेटी के सदस्य गांव में निशानदेही के लिए पहुंचे। परंतु अतिक्रमणकारी के घर ही बैठे रहे। इस पर लोगों ने शोर मचाकर उन्हें वहां से उठाया। उसके बाद उन्होंने पैमाइश की, लेकिन अतिक्रमणकारी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड के मुताबिक ही वह निशानदेही कर रहे थे। जब ग्रामीणों ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि अगले 10 दिन में फिर से दौरा करेंगे और पैमाइश कर निशानदेही की स्थिति स्पष्ट करेंगे। परंतु वीरवार देर शाम तक निशानदेही को लेकर गांव के नंबरदार और चौकीदार को सूचित नहीं किया गया। इससे शुक्रवार को निशानदेही की कार्रवाई होना मुमकिन नहीं लगता।
ग्रामीण खुद खोजकर ला रहे रिकॉर्ड
निशानदेही की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए ग्रामीण खुद पुराने रिकॉर्ड निकालकर प्रशासन के सामने पेश कर रहे हैं। रिकॉर्ड में दिख रहा है कि 7 कनाल 17 मरले गैर मुमकिन रास्ते के आधे हिस्से को नहरी कर दिया गया है। हालांकि, जमीन स्टेट लैंड के नाम पर दर्ज है। ग्रामीणों के रिकॉर्ड दिखाने के बावजूद अतिक्रमणकारियों को वहां से नहीं हटाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
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10 दिन के अंदर दूसरा दौरा होना था। शुक्रवार को निशानदेही को लेकर नायब तहसीलदार सुचेतगढ़ ही बेहतर बता सकते हैं। स्थिति स्पष्ट करने के लिए आप उनसे ही बात करिए। अरनिया में शुक्रवार को किसी शिविर का आयोजन है, जिसमें नायब तहसीलदार अरनिया व्यस्त रहेंगे। हो सकता है कि कल निशानदेही न हो पाए।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार सुचेतगढ़