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Jammu News: बिना कोच के कैसे बनेंगे धोनी और तेंदुलकर

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सांबा। खेल सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के युवा धोनी और तेंदुलकर कैसे बन सकते हैं। रानी सुचेत सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलों का प्रशिक्षण देने के लिए न तो कोच हैं और न ही संसाधन। इससे खिलाड़ी परेशान हैं।
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खेलेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया को लेकर जिला सांबा में प्रशासन और खेल एवं युवा सेवा विभाग गंभीर नहीं है। जिले के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि सांबा के स्टेडियम में इंडोर और आउटडोर स्टेडियम बनाए गए हैं लेकिन दोनों की हालत अच्छी नहीं है। आउटडोर स्टेडियम में खेलने के लिए न तो खेल सामग्री है और प्रशिक्षण देने के लिए न कोच है। खिलाड़ियों के शौचालय की भी कोई व्यवस्था नहीं है।

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सांबा की संगवाली मंडी के खिलाड़ी कपिल सिंह का कहना है कि सांबा के रानी सुचेत सिंह स्टेडियम बने हुए लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं लेकिन न तो यहां मैदान की हालत सुधरी और न ही खिलाड़ियों को खेल सामग्री और कोच उपलब्ध कराए गए। इंडोर स्टेडियम में कुछ कोच तैनात किए गए हैं लेकिन आउटडोर के लिए सुविधाओं और संसाधनों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा का विकास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों की प्रतिभा कैसे उभरेगी।
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स्थानीय युवा शिवरतन सिंह ने कहा कि आउटडोर स्टेडियम में घास नहीं लगी है। जगह-जगह कंकड़ और पत्थर बिखरे हुए हैं, जिसके कारण खेलते वक्त खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। शौचालय भी बंद पड़ा है। इंडोर स्टेडियम भी कबूतरों का आशियाना बना हुआ है। प्रशासन और खेल विभाग को स्टेडियम और खेल सुविधाओं में सुधार लाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

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राजेश्वर सिंह ने कहा कि सांबा का इतिहास है कि इस भूमि ने कई खिलाड़ी तैयार किए, जिन्होंने खेलों में अच्छा मुकाम हासिल किया। स्टेडियम के बनने से उम्मीद जगी थी कि युवाओं को खेल मैदान के साथ-साथ खेलने का सामान और प्रशिक्षण के लिए कोच मिलेंगे लेकिन कोई ज्यादा लाभ नहीं हुआ। युवा अपना सामान लाकर खेलों का अभ्यास करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना सुविधाओं और बिना कोच के जिले से कैसे गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी निकलेंगे।

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डिस्ट्रिक्ट यूथ सर्विसेज एंड स्पोर्ट्स आफिसर धर्मवीर सिंह ने कहा कि स्टेडियम के मैदान की हालत पहले काफी खराब थी। अब उसमें काफी सुधार किया गया है। खेल मैदान के लिए कोच और खेल सामग्री का हमारे पास कोई प्रावधान नहीं है। हमारा विभाग स्कूलों के माध्यम से खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध करवाता है। जम्मू कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के सहयोग से इंडोर खेलों के लिए 3-4 कोच तैनात किए गए हैं। फिलहाल आउटडोर खेलों के लिए कोच उपलब्ध नहीं है। उच्च अधिकारियों से बात कर खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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