जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद पिछले साल 2022 में ही परिसीमन के आधार पर मतदाता सूचियों का संशोधन किया गया था। इसमें 7.72 लाख नए वोटर मतदाता सूचियों में शामिल हुए थे और कुल मतदाताओं की संख्या 83,59,771 हो गई थी।
जम्मू कश्मीर में चार माह के बाद प्रदेश में एक बार फिर 5 अप्रैल से विशेष मतदाता फोटो सूची संशोधन अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने विधानसभा चुनाव की तैयारी कर ली है और बूथ स्तर के अधिकारियों को तय शेड्यूल के तहत अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
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शेड्यूल के तहत 5 से 15 अप्रैल तक विशेष मतदाता फोटो सूची संशोधन अभियान चलाया जाएगा। 1 अप्रैल 2023 तक 18 साल या इससे अधिक आयु के योग्य मतदाता अपने नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवा सकते हैं। अभियान के शेड्यूल के तहत 5 अप्रैल को मसौदा मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा।
9 अप्रैल और 15 अप्रैल को बूथ स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन कर योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों में दर्ज किए जाएंगे। 28 अप्रैल को दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 10 मई को अंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
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सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वह विशेष मतदाता सूची संशोधन अभियान को अपना पूरा सहयोग दें। विशेष मतदाता सूची अभियान के लिए मनोनीत अधिकारी निक्कू राम का कहना है कि चुनाव आयोग के तय शेड्यूल के तहत मतदाता सूची अभियान को चलाने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद पिछले साल 2022 में ही परिसीमन के आधार पर मतदाता सूचियों का संशोधन किया गया था। इसमें 7.72 लाख नए वोटर मतदाता सूचियों में शामिल हुए थे और कुल मतदाताओं की संख्या 83,59,771 हो गई थी। इनमें 42,91,687 लाख पुरुष मतदाता, 40,67,900 लाख महिला मतदाता और 184 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे।