नेशनल हाईवे पर बीएसएफ के काफिले पर हमला करने के दौरान जिंदा पकड़े गए आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब उर्फ कासिम को परिवार वालों ने पहले ही घर से बाहर कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक कासिम ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पिता के वेतन के 80 हजार रुपये लेकर घर से फरार हो गया था। पहले उसने फैसलाबाद में केले बेचने का कारोबार किया। लोग उसे केले वाले के नाम से जानते थे।
इसी दौरान उस पर आतंकी संगठन लश्कर के कमांडरों की नजर पड़ी और उन्होंने इसे अपने जाल में फंसा लिया। लश्कर की देखरेख में उसने पाकिस्तान में बाकायदा छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस दौरान उसमें भारत के खिलाफ कूट-कूट कर जहर भरा गया। उसके दिलो-दिमाग में यह बैठाया गया कि भारत में महिलाओं को इज्जत की नजर से नहीं देखा जाता। यही कारण है कि पकड़े जाने के बाद भी वह कहता रहा कि भारत में वह खून बहाने आया है। उसे इसमें मजा आता है।