श्री अमरनाथ यात्रा के लिए देश भर से आकर पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर में ठहरे कई तरह के साधु-संतों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इन्हीं में से एक ऐसे साधु हैं, जिन्होंने आजीवन भर के लिए मौन धारण कर लिया है।
उत्तर प्रदेश, प्रतापगढ़ के चिलबिला जंक्शन से आए दिनेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने पिछले 27 वर्षों से मौन धारण किया है और जीवन भर मौन ही रखने का दृढ़ निश्चय किया है।
कापी और पेन के जरिये सवालों का जवाब देते हुए दिनेश स्वरूप ने बताया कि वह चाय पीकर ही अपने मौन जीवन का यापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौन धारण करने से इंसान की कई सारी मुश्किलें हल हो जाती हैं। एक मौन सौ दुख हरे, बोलो नहीं तो गुस्सा मरे।
साधु संत बनने से पहले दिनेश ने बीएससी तक की पढ़ाई कर शिक्षण कार्य किया। इसके साथ ही सरकारी शिक्षा विभाग में नौकरी मिली, लेकिन नहीं की और साधु बनकर धर्म की राह पकड़कर भगवान शिव की आराधना में जुट गए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में अमरनाथ से कन्याकुमारी तक के लिए साइकिल यात्रा कर देश भर में शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश लोगों के बीच दिया है। दिनेश ने बताया कि भगवान शिव की आराधना से हर दुख दूर हो जाते हैं और जीवन में आनंद ही आनंद होता है।