पाकिस्तानी झंडा लहराने के मामले में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम की गिरफ्तारी को लेकर घाटी में उत्पन्न तनाव को लंबे समय तक खींचने की अलगाववादियों ने साजिश रची है। खुफिया एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि इस मुद्दे पर घाटी में अधिक दिनों तक तनाव फैलाने की अलगाववादियों ने चाल चली है।
इसके लिए घाटी में बंद और धरना-प्रदर्शन का लंबा सिलसिला जारी रखा जाए, ताकि एक बार फिर कश्मीर समस्या पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट कराने में सफल हो सकें। साथ ही कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों को झटका दिया जा सके।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि मसर्रत की गिरफ्तारी को कश्मीरी समुदाय में भुनाने के लिए ही पूरी घाटी में उपद्रव की अलगाववादियों ने सोची-समझी साजिश रची है। इसके लिए अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में अलग-अलग दिन बंद और प्रदर्शन कर तनाव पैदा करने की कोशिश की जाएगी।