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'नई ऊर्जा नीति शीघ्र, बिजली पर अलग बजट'

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धुर विरोधी विचारधारा के मिलन से बनी रियासत की गठबंधन सरकार में दोनों ही दलों के प्रमुख नेताओं पर जिम्मेदारियां भी बड़ी हैं। भाजपा विधायक दल के नेता और उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह रियासत के अनुभवी राजनेताओं में गिने जाते हैं।
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राघवेंद्र नारायण मिश्रा ने उनसे सरकार के एजेंडे, न्यूनतम साझा कार्यक्रम, उनके अपने मंत्रालय की योजनाओं, ऊर्जा नीति, अफजल गुरु और तमाम सामयिक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं, बातचीत के

बजट में बिजली बजट पर विशेष हिस्सा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत सरकार नई ऊर्जा नीति का ऐलान करेगी। इस बार मूल बजट में बिजली के बजट पर अलग से एक विशेष हिस्सा होगा। अगले छह साल में रियासत बिजली उत्पादन में ने केवल आत्मनिर्भर हो जाएगी, बल्कि बिजली बेचने की स्थिति में आ जाएगी। इसके लिए नए हाइड्रो और थर्मल प्रोजेक्टों की स्थापना होगी।
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लद्दाख में सौर ऊर्जा को विकसित करना है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल से विस्तृत बातचीत हुई है। एनएचपीसी से बिजली प्रोजेक्टों की वापसी पर केंद्र सहमत है। यह मुद्दा गठबंधन एजेंडा में शुमार है। अभी मध्य प्रदेश में कोल ब्लाक के आवंटन की बातचीत चल रही है लेकिन यह उड़ीसा या छतीसगढ़ में भी हो सकता है।

कोल ब्लाक के इलाके में ही रियासत का थर्मल प्लांट लागाय जाएगा। वहां से बिजली लाई जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी रियासत को उदार मदद का भरोसा दिया है।

अफजल गुरु पर सरकार में मतभेद नहीं

उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा है कि अफजल गुरु के मामले पर सरकार में कोई मतभेद नहीं है। यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है और जम्मू कश्मीर विधानसभा की इसमें कोई भूमिका नहीं बनती है। कुछ लोग इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।

विधानसभा में निर्दलीय विधायक या अन्य किसी सदस्य के द्वारा अफजल के अवशेष की वापसी संबंधी प्रस्ताव आने पर विधानसभा अध्यक्ष नियमों के अनुसार निर्णय लेंगे। भाजपा और पीडीपी की गठबंधन सरकार में इस मुद्दे पर कोई खींचतान नहीं है। जब प्रस्ताव आएगा तो सरकार का साझा स्टैंड होगा।

बिजली विभाग को 4000 करोड़ का घाटा
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का घाटा बढ़कर चार हजार करोड़ हो गया है। पिछली सरकार ने कुप्रंबधन से संकट बढ़ा है। इस घाटे को पाटने के लिए अब ठोस कदम उठाए जाएंगे। क्षमतावान अफसरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है।

सरकार को अस्थिर करने वालों की पहचान

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन में कुछ अफसर ऐसे हो सकते हैं जो भाजपा-पीडीपी सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। रियासत के झंडे को राष्ट्रीय झंडे के साथ लगाने की अनिवार्यता के बारे में ब्यूरोक्रेसी से आदेश निकालते वक्त उसकी मंजूरी लेने की जरुरत नहीं समझी गई।

इस आदेश को जारी किए जाने की टाइमिंग भी गलत चुनी गई। भाजपा और पीडीपी में मसर्रत आलम की रिहाई के बाद का विवाद थमा और झंडे का आदेश जारी हो गया। इसलिए ऐसी हरकत संदेह पैदा करती है। आदेश अब वापस हो चुका है और सरकार इस मुद्दे की जांच करा रही है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस
डिप्टी सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति का पालन किया जाएगा। इसके लिए पहल शुरू हो गई है। अफसरों की जिम्मेदारी तय होगी। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को पनपने नहीं दिया जाएगा। सरकार ने पूरे तंत्र को इसके साफ संकेत दे दिए हैं।

हर हाल में लागू होगा गठबंधन एजेंडा

उन्होंने कहा कि भाजपा और पीडीपी के सिद्धांत अलग रहे हैं। यही कारण है कि गठबंधन एजेंडा तय करने में दो माह का वक्त लगा। उस दो माह में बातचीत के दौरान तमाम विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है। सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चल रही है और अब कोई मतभेद शेष नहीं रह गया है।

नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा-पीडीपी गठबंधन, अनुच्छेद 370, अफस्पा और सीएमपी पर भी सवाल खड़े किए जाने की संभावना पर डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्ष को अपनी भूमिका रचनात्मक रखनी चाहिए। विपक्ष के हमले का जबाव देने में पीडीपी और भाजपा एकजुट होगी।

नए शहरों का विकास होगा
जिन छोटे शहरों की आबादी तीस हजार से लेकर एक लाख तक की है। उनके विकास की विस्तृत योजना बनाई जा रही है। नगर निगम की सड़कों को दुरुस्त करने से लेकर जाम तक की समस्या से निपटने की ठोस नीति बनाई जाएगी।
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जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे

जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार से भी बातचीत की जा रही है। केंद्र की योजना में इन दोनों शहरों को शामिल कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्मू कश्मीर के विकास के लिए कृतसंकल्प हैं। इसलिए केंद्र से हर संभव मदद मिलेगी। जम्मू और श्रीनगर के मास्टर प्लान की फिर से समीक्षा की जा सकती है। इसे बेहतर तरीके से लागू करने के उपाय होंगे।

जम्मू में रिंग रोड बनेगा
जम्मू में जाम की समस्या के समाधान के लिए रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव है। सड़कें कम हैं और वाहन ज्यादा हो गए हैं। पार्किंग की दिक्कत है। सरकार ने मल्टीस्टोर पार्किंग बनाने का निर्णय लिया है। लोगों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है और चार-चार गाड़ियां हैं।

ऐसे लोग सड़कों पर वाहन पार्किंग करते हैं। इस बात का अध्ययन हो रहा है कि लाइसेंस देने में प्रावधान बदले जाएं। जम्मू की समस्याओं पर त्वरित गति से फैसले हो रहे हैं। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए केंद्र बनाने के लिए तुरंत साढ़े छह करोड़ आवंटित किए गए।
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