उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में पिछले करीब तीन हफ्तों से अधिक समय के भीतर हुई चार स्थानीय नागरिकों समेत दो पूर्व आतंकियों की हत्याओं के विरोध में अलगावादियों द्वारा सोपोर चलो का आह्वान किया है। इसके पहले वीरवार को पुलिस द्वारा चलाए गए छापेमारी अभियान के दौरान विभिन्न अलगाववादियों को हिरासत में लिया गया है। पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है। इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।
हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष और कट्टरपंथी अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और जेकेएलएफ अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मालिक द्वारा कश्मीर के हर कोने से लोगों को शुक्रवार को सोपोर पहुंचने की अपील की थी जहां उनके द्वारा वहां पर लोगों को संबोधित किया जाना था। अलगाववादियों के सोपोर चलो मार्च को नाकाम बनाने के लिए पुलिस द्वारा जम्मू कश्मीर डेमोक्त्रस्ेटिक फ्र ीडम पार्टी के अध्यक्ष शब्बीर शाह समेत जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक को भी हिरासत में लिया।
पुलिस कटटरपंथी अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मोहम्मद अशरफ सहराई, एयाज अकबर भट, मीरवाइज मौलवी उमर फारुक, नईम अहमद खान को भी नजरबंद रखा गया है। जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी एसजेएम गिलानी ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि हालातों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर के पुराने शहर, बारामुला जिले के सोपोर समेत अन्य कई संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लागू होंगी ताकि हिंसक प्रदर्शन न हों।
उन्होंने यह भी बताया कि इसके इलावा कई जगहों पर नाके भी लगाए जाएंगे जहां संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेकर फिर उन्हें आगे बढ़ने दिया जाएगा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अलगाववादियों के सोपोर चलो के दौरान कानून व्यवस्था भंग होने की पूरी आशंका है। आतंकी भी जुलूस के दौरान भीड़ का फायदा उठाते हुए अलगाववादी नेताओं को निशाना बनाने की फिराक में हैं । इसलिए पुलिस के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ साथ सभी लोगों की रक्षा करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।